5 साल में ₹200 करोड़ पानी में! गाजियाबाद में 14 हजार चोर पकड़े, फिर भी रोजाना 2 करोड़ की बिजली चोरी
ट्रांस हिंडन समेत गाजियाबाद में बिजली चोरी रोकने पर पांच साल में 200 करोड़ खर्च और वर्ष 2021 से अगस्त ...और पढ़ें

गाजियाबाद में 200 करोड़ खर्च के बाद भी रोजाना 2 करोड़ की बिजली चोरी जारी। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
200 करोड़ खर्च के बावजूद रोजाना 2 करोड़ की बिजली चोरी।
2021 से अगस्त 2026 तक 14376 चोर पकड़े, 162 करोड़ बकाया।
खराब डीटी मीटर और लोनी में सर्वाधिक बिजली चोरी।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। ट्रांस हिंडन समेत जिलेभर में बिजली चोरी रोकने के लिए बीते पांच वर्ष में 200 करोड़ खर्च किए गए। इससे एबी केवल डालने, ट्रांसफार्मर को मिलने वाली बिजली और खपत के अंतर को जानने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (डीटी) मीटर लगाने और फीडर का लोड जानने के लिए रियल टाइम डाटा एक्विजिशन सिस्टम लगाए गए।
इसके बाद भी रोजाना करीब दो करोड़ की बिजली चोरी हो रही है। यानी हर माह 60 से 70 करोड़ की बिजली चोरी हो रही है।
विद्युत निगम ने जिले में वर्ष 2021 से लेकर अगस्त 2026 तक 14376 बिजली चोर पकड़े गए हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली चोर पकड़े गए हैं। लोनी में सबसे अधिक बिजली चोरी हो रही है। कुल आपूर्ति की गई बिजली में से बीते वर्ष 28 प्रतिशत बिजली का कोई हिसाब नहीं है।
निगम ने बिजली चोरों पर विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज करने के साथ जुर्माना भी लगाया, लेकिन अभी तक 70 फीसदी से जुर्माना तक नहीं वसूल सका। विद्युत निगम इन्हें समय-समय पर नोटिस भी जारी करता है। नोटिसों का इन पर कोई असर नहीं होता है।
विद्युत निगम ने जो डीटी मीटर और रियल टाइम डाटा एक्विजिशन सिस्टम लगवाए हैं उनमें से बड़ी संख्या में खराब पड़े हुए हैं। इससे बिजली चोरी की निगरानी नहीं कर पा रहा हैं।
बिजली चोरों पर 162 करोड़ से अधिक बकाया
विद्युत निगम बिजली चोरों पर जुर्माना तो लगाता है, लेकिन उसे वसूल नहीं पाता। वर्तमान में तीनों जोन में करीब 25 हजार 302 बिजली चोरों पर 162 करोड़ जुर्माने का बकाया है। इन्हें समय-समय पर तमाम नोटिस भेजे गए हैं।
बीते छह में बिजली चोरी
| माह | बिजली चोरी |
|---|---|
| अगस्त | 63 |
| जुलाई | 51 |
| जून | 62 |
| मई | 59 |
| अप्रैल | 61 |
| मार्च | 67.5 |
(नोट राशि करोड़ में है।)
अगस्त में बिजली चोरी की स्थिति
| क्षेत्र | बिजली चोरी |
|---|---|
| लोनी | 28 प्रतिशत |
| मुरादनगर | 15 प्रतिशत |
| मोदीनगर | 11 प्रतिशत |
| डासना | 13 फीसदी |
| केला भट्टा | 08 प्रतिशत |
| अन्य शहरी क्षेत्र | 13 प्रतिशत |
चोरी रोकने के लिए बीते वर्षों में ये कार्य किए
- ट्रांसफार्मरों पर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (डीटी) मीटर लगाए गए।
- ट्रांसफार्मर को मिलने वाली बिजली और खपत के अंतर पता किया जाता है।
- फीडर का लोड जानने के लिए रियल टाइम डाटा एक्विजिशन सिस्टम लगाए गए।
- नंगे तारों के स्थान पर एबी केबल डाले गए।
बिजली चोरी रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। निगरानी के लिए लगे जो उपकरण खराब हो गए हैं उन्हें ठीक कराया जा हा है। साथ ही अभियान चलाकर छापेमारी भी की जा रही है। - नरेश भारती, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम जोन-दो
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