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पहले डिवाइडर पर खर्च हुए डेढ़ करोड़, अब यूटर्न के लिए तोड़फोड़; जीडीए-नगर निगम के तालमेल पर उठे सवाल

Published: Fri, 25 Sep 2026 07:27 PM (IST)

गाजियाबाद में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बने नए डिवाइडर को यू-टर्न बनाने के लिए तोड़ दिया गया, जिससे ...और पढ़ें

हापुर रोड पर डिवाइडर तोड़कर बनाया जा रहा है यू टर्न। जागरण

हापुर रोड पर डिवाइडर तोड़कर बनाया जा रहा है यू टर्न। जागरण

HighLights

  1. गाजियाबाद में डेढ़ करोड़ का नया डिवाइडर यू-टर्न के लिए तोड़ा।

  2. नगर निगम और जीडीए के बीच समन्वय की कमी उजागर हुई।

  3. सरकारी धन की बर्बादी का यह एक बड़ा उदाहरण है।

हसीन शाह, गाजियाबाद। सरकारी धन की बर्बादी का उदाहरण देखना है तो नवयुग मार्केट के सामने हापुड़ रोड पर पहुंच जाइए। नगर निगम ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से हापुड़ रोड पर सीसी डिवाइडर बनाने का काम पूरा ही किया था कि जीडीए को यहां यूटर्न बनाने की याद आ गई।

यूटर्न बनाने की योजना डिवाइडर निर्माण से पहले ही प्रस्तावित थी। इसकी जानकारी नगर निगम और जीडीए के अधिकारियों को को पहले से थी। इसके बावजूद यूटर्न वाली जगह पर डिवाइडर बना दिया गया। जीडीए यूटर्न बनाने के लिए नवनिर्मित डिवाइडर को तोड़ दिया है।

हापुड़ रोड शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल है। इस मार्ग पर जिला मुख्यालय, न्यायालय, पुलिस लाइन, पुलिस आयुक्त कार्यालय, नगर निगम और जीडीए के कार्यालय हैं। इसी वजह से यहां अक्सर वीआइपी आवाजाही भी रहती है। हापुड़ रोड लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आती है।

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हापुड़ रोड पर डिवाइडर तोड़कर बनाया जा रहा यूटर्न। जागरण

इस रोड पर पहले ईंट का डिवाइडर बना हुआ था। पुराना होने के कारण नगर निगम ने इसे हटाकर हापुड़ चुंगी से ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा सीसी डिवाइडर बनाया है। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। डिवाइडर के बीच में पौधे भी लगाए जाने हैं। अभी पौधे लगाने का काम बाकी है।

निगम को छोड़नी चाहिए थी यूनर्टन की जगह

नेहरू नगर के पास पहले से यूटर्न बनाने की योजना के तहत जीडीए को निर्माण कराना कराना था। इसके बावजूद यूटर्न वाले स्थान पर नगर निगम ने सीसी डिवाइडर बना दिया।

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सवाल उठ रहा है कि जब यूटर्न प्रस्तावित था तो निर्माण से पहले दोनों विभागों के बीच समन्वय क्यों नहीं किया गया। यदि पहले ही जगह छोड़ दी जाती तो डिवाइडर तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती और सरकारी धन की बर्बादी भी रोकी जा सकती थी।

पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी बर्बादी 

सरकारी विभागों ने पहले भी जानबूझकर सरकारी धन की बर्बादी की है। करीब तीन वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग ने जीटी रोड के कुछ हिस्से पर सीसी सड़क बनाई थी। उस समय विभाग को जानकारी थी कि सड़क के नीचे सीवर लाइन डाली जानी है।

इसके बावजूद सीवर लाइन डाले बिना ही सड़क का निर्माण कराया गया। सड़क बनने के तुरंत बाद सीवर लाइन डालने के लिए नई सीसी सड़क को तोड़ दिया गया था। इससे सड़क निर्माण पर खर्च हुआ सरकारी धन बर्बाद हो गया।

कोट्स

नगर निगम ने लोगों की सुविधा को देखते हुए डिवाइडर का निर्माण कराया है। यूटर्न की ज्यादा जानकारी नगर निगम को नहीं थी। जीडीए यहां यूटर्न बना रहा है।
- एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम

नगर निगम को डिवाइडर बनाने से पहले से यूटर्न बनाने की जानकारी थी। यूटर्न बनाने के लिए डिवाइडर का कुछ हिस्सा तोड़ा गया है। इससे यहां जाम की समस्या खत्म होगी।
- आलोक रंजन, मुख्य अभियंता, जीडीए

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