गाजियाबाद के 100 सरकारी स्कूलों में रोबोटिक्स लैब, बच्चे सीखेंगे कोडिंग और तकनीक
गाजियाबाद के 100 से अधिक सरकारी विद्यालयों में रोबोटिक्स और एसटीईएम नवाचार प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। यह पहल ...और पढ़ें

गाजियाबाद के 100 सरकारी स्कूलों में रोबोटिक्स लैब ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
गाजियाबाद के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में रोबोटिक्स लैब।
छात्र कोडिंग, रोबोटिक्स किट से सीखेंगे व्यावहारिक विज्ञान।
कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को मिलेगी आधुनिक तकनीक शिक्षा।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सरकारी स्कूलों के बच्चे अब किताबों में विज्ञान पढ़ने के साथ ही प्रयोग करके तकनीक को समझेंगे। वे कोडिंग सीखेंगे और रोबोटिक्स किट, सेंसर व इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मदद से छोटे रोबोट और तकनीकी मॉडल तैयार करेंगे।
इसके लिए जिले के 100 से अधिक सरकारी विद्यालयों में रोबोटिक्स एवं एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) नवाचार प्रयोगशालाएं स्थापित करने की तैयारी है।
इस सहयोग को आगे बढ़ाया जा रहा है
परियोजना की शुरुआत मधुबन बापूधाम स्थित अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय से की जा चुकी है। हाल ही में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ द्वारा लैब पहली रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन किया गया था। इस पहल को सीएसआर के सहयोग से सर्व हितम मानव सेवा संस्थान आगे बढ़ा रहा है।
प्रयोगशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती कक्षाओं से ही आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना है। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को उनकी उम्र और सीखने की क्षमता के अनुसार गतिविधियां कराई जाएंगी।
इससे विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित के सिद्धांतों को केवल याद करने के बजाय प्रयोगों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनमें तार्किक सोच, रचनात्मकता और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करने पर जोर रहेगा।
उपकरणों से प्रयोग कर सीखेंगे तकनीक
प्रस्तावित प्रयोगशालाओं में रोबोटिक्स किट, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है। विद्यार्थी इनकी मदद से तकनीकी मॉडल तैयार करना, उपकरणों की कार्यप्रणाली समझना और कोडिंग के जरिए रोबोट को निर्देश देना सीख सकेंगे।
कार्यमेज की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे बच्चे समूह में बैठकर प्रयोग और परियोजनाओं पर काम कर सकें। प्रयोगों के दौरान विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को मॉडल के रूप में विकसित करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए शिक्षकों और संबंधित कर्मियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी परियोजना का हिस्सा है।
विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया का इंतजार
परियोजना के तहत 100 से अधिक सरकारी विद्यालयों तक रोबोटिक्स एवं एसटीईएम शिक्षा पहुंचाने की तैयारी है। हालांकि, विद्यालयों के चयन के मानक, चयन प्रक्रिया पूरी होने की समयसीमा और प्रयोगशालाओं की चरणबद्ध स्थापना का विस्तृत कार्यक्रम अभी स्पष्ट नहीं है।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुभव आधारित और कौशल केंद्रित शिक्षा के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसके माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक सीखने और नवाचार करने के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने बताया कि विद्यार्थियों को लैब मिलने से उनकी बुनियादी शिक्षा के साथ ही कौशल विकास हो सकेगा। साथ ही सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी तकनीकी शिक्षा और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल सकेगा।
