जासं, गाजियाबाद: कोरोनाकाल में मरीजों के इलाज में तय मानक से ज्यादा वसूली करने के मामले में 35 से अधिक अस्पताल नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर द्वारा की गई जांच के घेरे में आए हैं। इन अस्पतालों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया था। कई अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक जवाब नहीं दिया है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आगे नहीं बढ़ पा रही है। नगर आयुक्त ने संबंधित अस्पतलों को जल्द नोटिस का जवाब देने को कहा है।

दरअसल, कोरोनाकाल में मरीजों से अस्पतालों में तय मानक से अधिक की वसूली की गई। इसकी शिकायत जिलाधिकारी के पास पहुंची। उन्होंने अपर नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार को ऐसे मामलों की जांच सौंपी। इसके अलावा अस्पतालों द्वारा जारी किए जा रहे बिलों में से रोजाना पांच से दस बिल की जांच करने की जिम्मेदारी नगर आयुक्त महेंद्र सिहं तंवर को सौंपी थी, ताकि अस्पतालों द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर अंकुश लग सके और संबंधित पर कार्रवाई हो सके। 20 हजार से दो लाख रुपये तक की हुई ज्यादा वसूली: जांच के दौरान पता चला कि अस्पतालों ने बिल के हिसाब से वसूली की। अगर कोई मरीज ज्यादा दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा तो उससे ज्यादा रुपये वसूले गए। वहीं अगर कोई मरीज कम दिन भर्ती रहा और उसका बिल कम रकम का बना तो उससे कम वसूली की गई। मरीजों से 20 हजार रुपये से लेकर दो लाख से अधिक रुपये ज्यादा वसूले गए हैं। वर्जन.. करीब 35 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने मरीजों से तय मानक से ज्यादा रुपये लिए हैं। इनकी जांच पूरी कर ली गई है। अस्पतालों का अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया है। जवाब मिलते ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय जिलाधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

- महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त।

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