जागरण संवाददाता, इंदिरापुरम (गाजियाबाद): ऑनलाइन शॉ¨पग साइट अमेजॉन के प्रोडक्ट घरों में डिलीवर करने वाली कोरियर कंपनी के पांच डिलीवरी ब्वॉय करीब दो लाख रुपये के पार्सल चोरी कर मंगलवार को फरार हो गए। पांचों आरोपितों का कंपनी में पहला दिन था। कंपनी के वसुंधरा सेक्टर एक स्थित कार्यालय से पार्सलों की डिलीवरी करने निकले थे और लौटे ही नहीं। डिलीवरी नहीं होने पर सुपरवाइजर को मामले की जानकारी मिली। सुपरवाइजर ने उन्हें कॉल की तो एक आरोपित ने उसे गाली दी। बुधवार को सुपरवाइजर की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबरों की मदद से सभी की तलाश शुरू कर दी है।

वसुंधरा सेक्टर एक में कोनेस्टिस कोरियर कंपनी का ऑफिस है। कंपनी ऑनलाइन साइट अमेजॉन के माल की घरों में डिलीवरी करती है। एक सितंबर से ही ऑफिस खुला था और कंपनी को डिलीवरी ब्वॉय की जरूरत थी। बीते सोमवार 10 सितंबर को दिल्ली निवासी राजेश, विक्की, सन्नी, दिनेश व विजयनगर निवासी राहुल डिलीवरी ब्वॉय की नौकरी के लिए कंपनी के ऑफिस पहुंचे। कंपनी ने उन्हें अगले दिन बुलाया। मंगलवार को सभी ने अपने आइडी प्रूफ और अन्य दस्तावेजों की मूल कॉपी जमा करवाई। इसके बाद ट्रे¨नग के तौर पर पांचों युवकों को सुपरवाइजर ने कुल 87 पैकेट डिलीवरी के लिए दिए। इन पैकेटों की कीमत करीब दो लाख रुपये थी। डिलीवरी ब्वॉय ने दी गाली तो समझ आया मामला : 11 सितंबर की शाम तक पार्सल डिलीवर नहीं हुए तो कंपनी के ऑफिस में लोगों के कॉल आने लगे। इसके बाद सुपरवाइजर पंकज ठाकुर ने सभी युवकों को कॉल करना शुरू किया। इस दौरान किसी के भी मोबाइल पर कॉल नहीं लगा। आरोप है कि विजयनगर निवासी राहुल ने कॉल उठाया और सुपरवाइजर को गाली देने लगा। साथ ही माल नहीं लौटने को कहते हुए धमकी भी दी। आइडी पर दिया गया पता निकला फर्जी: सुपरवाइजर पंकज को शक हुआ कि उनका माल चोरी हो गया तो वे तुरंत कर्मचारियों के साथ राहुल की आइडी पर दिए गए विजयनगर के पते पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर पता चला कि राहुल नाम का कोई युवक वहां रहता ही नहीं। इसके बाद उन्होंने थाना इंदिरापुरम पहुंचकर मामले की शिकायत दी। जांच में सामने आया कि सभी युवकों द्वारा जमा करवाए गए आइडी प्रूफ नकली हैं। पंकज ने बताया कि सभी युवकों ने अपने दस्तावेजों की मूल प्रति जमा करवाई थी। इसी वजह से उन्होंने सभी को 15-15 पार्सल दे दिए। उन्हें नहीं पता था कि सभी दस्तावेज फर्जी हैं। कंपनी ने नहीं करवाया पुलिस वेरिफिकेशन: मामले में कोरियर कंपनी की भी लापरवाही देखने को मिली। युवकों को रखने के बाद कंपनी ने उनका पुलिस वेरिफिकेशन ही नहीं करवाया। इसके चलते पहले ही दिन उन्होंने लाखों का माल उड़ा लिया। हालांकि सुपरवाइजर का कहना है कि वह एक दो दिन युवकों के काम को देखना चाहते थे। इसके बाद ही उन्हें स्थाई करते हुए उनका पुलिस वेरिफिकेशन करवाते। इससे पहले ही माल चोरी हो गया। उधर, कंपनी के ऑफिस के सीसीटीवी कैमरे में सभी आरोपित कैद हो गए हैं। पुलिस उनकी फुटेज की मदद से भी उनकी तलाश में जुटी है।

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मोबाइल नंबर और आइडी प्रूफ पर दी फोटो के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है। मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगवाया गया है। जल्द ही सभी युवकों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि वे अपने घर, दुकान व ऑफिस में सहायक रखने से पूर्व उनका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं।

- रवि कुमार, सीओ इंदिरापुरम

Posted By: Jagran