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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुले में रखी जा रही निर्माण सामग्री, रेड जोन में रहा गाजियाबाद

By JagranEdited By:
Published: Sun, 31 Oct 2021 07:59 PM (IST)

प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद भी निर्माण सामग्री जगह-जगह ...और पढ़ें

खुले में रखी जा रही निर्माण सामग्री, रेड जोन में रहा गाजियाबाद
खुले में रखी जा रही निर्माण सामग्री, रेड जोन में रहा गाजियाबाद

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद भी निर्माण सामग्री जगह-जगह खुले में रखी जा रही है। सड़कों पर उड़ती धूल हवा को खराब कर रही है। गाजियाबाद में रविवार को एक्यूआइ 342 दर्ज किया गया। देर रात तक प्रदूषण की स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

एक्यूआइ सुबह के समय 305 दर्ज किया गया। शाम होते-होते प्रदूषण की स्थिति भी खराब होती चली गई। सांस के मरीजों को परेशानी हुई। सुबह व शाम के समय बुजुर्ग और मरीज घर से बाहर नहीं निकल सके। प्रदूषण के कारण कुछ लोगों ने आंखों की जलन महसूस की। इसके बाद भी प्रदूषण के फैलने के कारणों को नजरअंदाज किया जा रहा है। गाजियाबाद में 10 लाख 46 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। हजारों वाहन बाहर के जिलों के भी हैं। दिल्ली जाने के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर प्रदर्शनकारी बैठे हैं। दिल्ली जाने के अन्य रास्तों पर रोजाना जाम लग रहा है। जाम का दूसरा कारण जगह-जगह टूटी सड़कें हैं। ट्रांस हिडन में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं। कुल प्रदूषण का करीब 30 फीसदी प्रदूषण औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं से होता है। बड़ी संख्या में प्लास्टिक को जलाने व पिघलाकर सामान बनाने की अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं। औद्योगिक क्षेत्र समेत अन्य इलाके की सड़कों से वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ती है। जगह-जगह कूड़ा जलाया जाता है। जुर्माना लगने के बाद भी बाज नहीं आ रहे लोग : हाल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वसुंधरा अटल चौक के पास खुले में निर्माण सामग्री रखने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माना लगाने के बाद भी निर्माण सामग्री को ढका नहीं गया। लगातार धूल उड़ रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम लगातार गश्त कर रही है। जिन लोगों ने खुले में निर्माण सामग्री डाल रखी है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद भी लोग सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं।

एक सप्ताह पहले ही हमने खुले में निर्माण सामग्री रखने पर वसुंधरा में पांच लाख का जुर्माना लगाया था। कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। यदि लोग नियम तोड़ते हैं तो जुर्माना लगाया जाएगा।

- उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड