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ट्रांस हिंडन में CM ग्रिड योजना के काम से लोग परेशान, उड़ती धूल से सांसों पर आफत; नगर निगम की चेतावनी

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:50 PM (IST)

गाजियाबाद में मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट (सीएम ग्रिड) परियोजना के पहले चरण का काम अधूरा है, जबकि दूसरे चरण में धूल और प्रदूषण से लोग परेशान हैं।

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HighLights

  1. सीएम ग्रिड के पहले चरण का 10% काम अभी भी अधूरा।

  2. दूसरे चरण में इंदिरापुरम, वैशाली में धूल-प्रदूषण से लोग परेशान।

  3. नगर आयुक्त ने धीमी गति पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

शोभित शर्मा, साहिबाबाद। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट (सीएम ग्रिड) के दूसरे चरण के कार्याें पर अधिकारियों से लेकर पार्षदों तक में लोगों की परेशानी को लेकर चिंता हो गई है।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों और ठेकेदारों को लापरवाही और काम में धीमी गति पर कार्रवाई की चेतावनी दी है जबकि पार्षदों ने महापौर के समक्ष लोगों की समस्याओं को रखा है। इन सब के बीच पहले चरण के अधूरे कार्य पर किसी का ध्यान नहीं है। जबकि दूसरे चरण के काम में लगातार शिकायतें जारी हैं।

ट्रांस हिंडन क्षेत्र में योजना के तहत दो चरणों में काम चल रहा है। पहले चरण में मोहननगर से हिंडन एयरफोर्स स्टेशन तक और रोटरी गोल चक्कर से शेषनाग द्वार तक सड़कों का निर्माण किया गया है।

मोहननगर से हिंडन एयरफोर्स स्टेशन चौराहे तक का काम लगभग 90 फीसदी पूरा हो गया है लेकिन 10 फीसदी काम अटका पड़ा है।

सड़क बनने के बाद किनारे बस स्टाप के शेड नहीं हैं। इसके अलावा मोहननगर तिराहे पर भी सुंदरीकरण के काम पूरे नहीं हो सके हैं। यहां जगह-जगह काम चल रहा है। रोटरी गोल चक्कर से शेषनाग द्वार तक के कार्य को अधिकारी पूरा बता रहे हैं।

दूसरे चरण के काम में धूल सबसे बड़ी परेशानी

सीएम ग्रिड के दूसरे चरण में इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी में सड़कों का निर्माण चल रहा है। इसमें जगह-जगह उड़ रही धूल से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

इंदिरापुरम व्यापार मंडल ने अधिकारियों से शिकायत कर अपनी मांगें रखी हैं। अध्यक्ष ओमबीर यादव ने बताया कि इंदिरापुरम में पिछले कुछ महीनों से चल रहे अनियंत्रित निर्माण कार्यों के कारण निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

निर्माण स्थलों पर ग्रीन शीट न लगाने, पानी का छिड़काव न करने और मलबा खुले में डालने से पूरे क्षेत्र में धूल और प्रदूषण बहुत बढ़ गया है।

सुबह-शाम दुकानों में धूल की मोटी परत जम जाती है। इस बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों और बुजुर्गों में आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और एलर्जी जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

व्यापार मंडल ने सभी निर्माण कराने वालों को एनजीटी के नियमों का पालन करने का निर्देश, नियमित पानी के छिड़काव और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की मांग की है।

नगर आयुक्त ने निरीक्षण कर 15 दिन का समय कार्यदायी संस्था को दिया है। निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट की व्यवस्था की जाएगी। पहले चरण का काम लगभग पूरा है। मोहननगर में यातायात अधिक रहने से काम में कुछ देरी हो रही है।
- एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम निर्माण विभाग

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