पुलिस और जेल सुधारों पर केंद्र सरकार का बड़ा कदम, शोध प्रस्ताव आमंत्रित
केंद्र सरकार ने पुलिस और जेल प्रशासन में सुधार के लिए शोध प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। गृह मंत्रालय के तहत ...और पढ़ें

पुलिस और शोध सुधारों पर प्रस्ताव ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
पुलिस और जेल सुधारों हेतु शोध प्रस्ताव आमंत्रित।
गृह मंत्रालय ने 46 विषयों की पहचान की।
गाजियाबाद CDTI को 12 शोध विषय मिले।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साइबर ठगी, महिला सुरक्षा और अपराधियों की निगरानी से लेकर जेलों में कैदियों के पुनर्वास तक। पुलिस और सुधारात्मक प्रशासन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान तलाशने के लिए केंद्र सरकार ने शोध प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो ने पुलिसिंग और सुधारात्मक प्रशासन के 46 विषय निर्धारित किए हैं। इनमें 23 विषय पुलिस व्यवस्था और 23 जेल प्रशासन से संबंधित हैं।
शोध प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित
शोध प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 27 नवंबर निर्धारित की गई है। कमला नेहरू नगर स्थित केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान (सीडीटीआइ) के पास 12 विषयों के शोध आएंगे।
पुलिसिंग के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से अपराध की आशंका का पूर्वानुमान लगाने, साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और फरेंसिक जांच जैसे विषयों पर अध्ययन कराया जा सकता है।
ड्रोन और निगरानी तकनीक के इस्तेमाल, भीड़ प्रबंधन, पुलिस प्रशिक्षण और आमजन के बीच पुलिस पर भरोसा बढ़ाने के उपाय भी शोध का हिस्सा होंगे।
मांगे गए शोध प्रस्ताव
इसके अतिरिक्त जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की समस्या, बंदियों का पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य, महिला बंदियों की स्थिति, किशोर गृह, नशे की रोकथाम और पैरोल व्यवस्था पर शोध प्रस्ताव मांगे गए हैं।
शोध प्रस्तावों के लिए आइआइटी, आईआईएम एवं विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया गया है। सीडीटीआई गाजियाबाद के उप प्रधानाचार्य पीके जोशी के मुताबिक उनके यहां 12 विषयों के शोध आएंगे। इनमें से अधिकांश जेल में सुधार से जुड़े हैं।
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