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गाजियाबाद की हाई-टेक टाउनशिप में घर का मौका, हरनंदीपुरम योजना का पहला फेज लॉन्च को तैयार; दूसरे की भी तैयारी

Published: Tue, 06 Oct 2026 11:55 PM (IST)

गाजियाबाद में जीडीए की हरनंदीपुरम आवासीय टाउनशिप का पहला चरण रेरा पंजीकरण के बाद लॉन्च होने को तैयार है। दूसरे ...और पढ़ें

हरनंदीपुरम योजना लॉन्च करने की जीडीए ने शुरू की तैयारी। फोटो: आर्काइव

हरनंदीपुरम योजना लॉन्च करने की जीडीए ने शुरू की तैयारी। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. हरनंदीपुरम टाउनशिप का पहला चरण रेरा पंजीकरण के बाद तैयार

  2. दूसरे चरण के लिए 40 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जारी

  3. जीडीए की मधुबन बापूधाम के बाद सबसे बड़ी आवासीय योजना।

शाहनवाज अली, गाजियाबाद।  मधुबन बापूधाम के बाद करीब दो दशक के अंतराल पर आकार ले रही आवासीय टाउनशिप हरनंदीपुरम अब चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतरने की ओर बढ़ने लगी है।

पहले फेज के रेरा पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब दूसरे फेज को  लॉन्च करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है। दूसरे चरण के लिए 40 हेक्टेयर जमीन में से करीब 30 हेक्टेयर जमीन जीडीए खरीद चुका है।

शेष 10 हेक्टेयर जमीन किसानों से खरीदने के साथ उसका लैंडयूज कन्वर्जन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें दूसरे फेज की जमीन, लेआउट और आगे की विकास प्रक्रिया पर मंथन किया गया।

जल्दी पूरी होगी बाकी जमीन लेने की प्रक्रिया

उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को शेष जमीन की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए, ताकि दूसरे फेज का लेआउट तैयार कर इसे भी योजना का हिस्सा बनाया जा सके।

हरनंदीपुरम के पहले फेज का लेआउट जीडीए बोर्ड से स्वीकृत हो चुका है। इसके बाद योजना को रेरा में पंजीकरण के लिए भेजा गया है। रेरा नंबर मिलने के बाद पहले फेज को औपचारिक रूप से लॉन्च करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पहला फेज करीब 49 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसमें आवासीय उपयोग के साथ व्यावसायिक, सामुदायिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र, मनोरंजन और सड़क नेटवर्क की व्यवस्था प्रस्तावित है।

योजना की खास बात यह है कि इसे सिर्फ प्लाट काटकर बसाने वाली सामान्य आवासीय कालोनी के बजाय सुनियोजित टाउनशिप के रूप में विकसित करने की तैयारी है। पहले फेज में गोल्फ कोर्स समेत आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

हरनंदीपुरम को व्यापक रूप से करीब 521 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। इसमें आठ गांवों की जमीन शामिल की जा रही है। जीडीए पहले से ही किसानों से जमीन खरीदने और सहमति के आधार पर बैनामे कराने की प्रक्रिया में जुटा है।

दूसरे फेज की 40 हेक्टेयर जमीन पर तेजी

दूसरे फेज के लिए चिह्नित करीब 40 हेक्टेयर जमीन में से 30 हेक्टेयर का बैनामा जीडीए करा चुका है। अब करीब 10 हेक्टेयर जमीन की खरीद बाकी है।

इसके लिए भू-अर्जन विभाग को किसानों से जमीन खरीद की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिन जमीनों का भू-उपयोग कृषि है, उनके आवासीय उपयोग में लैंडयूज कन्वर्जन की प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है।

आवास के साथ सड़क, हरियाली और सुविधाओं का नेटवर्क

हरनंदीपुरम की योजना में सिर्फ आवासीय भूखंड ही नहीं, बल्कि सड़क, पार्क, हरित क्षेत्र, सीवरेज, ड्रेनेज, सामुदायिक सुविधाएं, व्यावसायिक क्षेत्र और मनोरंजन सुविधाओं को भी स्थान दिया जा रहा है।

पहले फेज के स्वीकृत लेआउट में करीब 50.18 प्रतिशत क्षेत्र आवासीय, 6.30 प्रतिशत व्यावसायिक, 5.46 प्रतिशत सामुदायिक सुविधाओं, 7.42 प्रतिशत मनोरंजन और 30.66 प्रतिशत यातायात के लिए रखा गया है।

मधुबन बापूधाम के बाद जीडीए की यह सबसे महत्वपूर्ण नई आवासीय पहल मानी जा रही है। लंबे समय बाद प्राधिकरण सीधे तौर पर इतनी बड़ी टाउनशिप को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने जा रहा है। इसके आसपास प्रस्तावित बड़े प्रोजेक्ट और बेहतर कनेक्टिविटी भविष्य में नए विकास केंद्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं।

- नन्द किशोर कलाल, उपाध्यक्ष जीडीए

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