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4 करोड़ का शमन शुल्क न चुकाने पर आरओकेएस बिल्डकॉन पर FIR, जीडीए की शिकायत पर केस दर्ज

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:53 AM (IST)

जीडीए की शिकायत पर नंदग्राम थाने में मेसर्स आरओकेएस बिल्डकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 4.02 करोड़ रुपये शमन शुल्क जमा न करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

बिल्डर की दबंगई पर एक्शन

बिल्डर की दबंगई पर एक्शन

HighLights

  1. जीडीए ने बिल्डर मेसर्स आरओकेएस बिल्डकान पर मुकदमा दर्ज कराया

  2. 4.02 करोड़ रुपये शमन शुल्क जमा न करने का आरोप है

  3. नंदग्राम थाने में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की

जासं, गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शमन शुल्क और लेबर सेस की भारी-भरकम राशि न चुकाने पर बिल्डर के खिलाफ सख्त रुख किया है। जीडीए के अवर अभियंता (जेई) इम्तेयाज अहमद खान की शिकायत पर नंदग्राम थाना पुलिस ने मेसर्स आरओकेएस बिल्डकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

यह कार्रवाई ग्राम नूरनगर स्थित 'ऑफिसर्स सिटी-1' परियोजना में बने 'हेरिटेज टावर-टी' के विकासकर्ता द्वारा सरकारी बकाए की अनदेखी करने पर की गई है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मई 2025 में ऑफिसर्स सिटी-1 परियोजना के अंतर्गत किए गए निर्माण के संबंध में प्राधिकरण द्वारा शमन स्वीकृति (कंप्राउंडिंग) प्रदान की गई थी। इसके तहत विकासकर्ता पर नियमानुसार 4.02 करोड़ रुपये का शमन शुल्क और 2.31 लाख रुपये का लेबर सेस जमा करने की कानूनी देनदारी तय की गई थी।

शिकायत में कहा गया है कि प्राधिकरण द्वारा बार-बार मांग पत्र और स्मरण पत्र (रिमाइंडर) जारी करने के बावजूद बिल्डर ने बकाए का भुगतान नहीं किया। इसके बाद प्राधिकरण ने विकासकर्ता को 'ओटीएस-2026' (एकमुश्त समाधान योजना) के तहत भी एक और मौका दिया था ताकि वह निर्धारित समय में बकाया राशि जमा कर सके। इसके बावजूद तय समय सीमा तक विकासकर्ता की ओर से कोई शुल्क जमा नहीं कराया गया।

जीडीए अधिकारियों का क्या कहना है?

जीडीए अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित शमन शुल्क और लेबर सेस जमा न होने के कारण हेरिटेज टावर-टी का शमन मानचित्र भी विधिवत रूप से निर्मित और स्वीकृत नहीं किया जा सका। लगातार हो रही अवहेलना को देखते हुए प्राधिकरण ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया। नंदग्राम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है और जल्द ही संबंधित पक्षों पर अग्रिम कार्रवाई की तैयारी है।

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