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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेमडेसिविर की कालाबाजारी में डॉक्टर समेत तीन गिरफ्तार

By JagranEdited By:
Published: Tue, 27 Apr 2021 09:07 PM (IST)

जागरण संवाददाता गाजियाबाद नगर कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंग

रेमडेसिविर की कालाबाजारी में डॉक्टर समेत तीन गिरफ्तार
रेमडेसिविर की कालाबाजारी में डॉक्टर समेत तीन गिरफ्तार

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद

नगर कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार शाम रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक चिकित्सक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से पुलिस ने 70 रेमडेसिविर, दो अक्टेमरा इंजेक्शन, 36.10 लाख रुपये व स्कॉडा कार बरामद की है। पकड़ा गया चिकित्सक एम्स में न्यूरोलॉजिस्ट रह चुका है और वर्तमान में एम्स में गेस्ट डॉक्टर की तरह जाता है। वह निजामुद्दीन में अपना क्लीनिक चलाता है। आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वे 35 से 40 हजार रुपये में रेमडेसिविर और डेढ़ लाख रुपये में अक्टेमरा इंजेक्शन बेच रहे थे। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि इन इंजेक्शनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेशकर रिलीज करा दिया जाएगा और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाएगा।

एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपित निजामुद्दीन, दिल्ली निवासी डॉ. अल्तमश, कैला भट्ठा निवासी कुमैल अकरम व बाड़ा इंदुराव दिल्ली निवासी जाजिब अली हैं। आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वह दिल्ली के एम्स अस्पताल के पास एक व्यक्ति से यह इंजेक्शन लेकर गाजियाबाद में बेच रहे थे। पुलिस के मुताबिक डॉ. अल्तमश हयात एक कंपनी में नेशनल सीइओ भी है, जबकि कुमैल अकरम का कपड़े का कारोबार और जाजिब अली फेस मास्क सप्लाई करता है। आरोपित पिछले करीब 15 दिन से इंजेक्शनों की कालाबाजारी कर रहे थे। इनके पास से बरामद 36.10 लाख रुपये इंजेक्शनों की कालाबाजारी से ही एकत्र हुए थे। अब तक ये लोग 50 से अधिक लोगों को इंजेक्शन बेच चुके हैं। इंजेक्शन कहां से लाए जाते थे और कौन इन्हें इनकी सप्लाई देता था, इस बारे में पुलिस अभी पूछताछ कर रही है।

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ग्राहक बन पुलिस ने आरोपितों को दबोचा

क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि आरोपित विभिन्न माध्यमों से जरूरतमंदों को इंजेक्शन की सप्लाई कर रहे थे। इनके बारे में सुराग मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया और अपने कुछ पुलिसकर्मियों को ग्राहक बनाकर आरोपितों से संपर्क कराया। पुलिसकर्मियों से आरोपितों का वाट्सएप पर संपर्क हुआ 38 हजार रुपये के हिसाब से 70 रेमडेसिविर की खेप मंगाई गई। इसके बाद आरोपित मंगलवार को इंजेक्शन सप्लाई करने के लिए आए तो पुलिस ने इन्हें दबोच लिया।

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बड़ी संख्या में लोग आते है इलाज कराने

नगर कोतवाली प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि डॉ. अल्तमश काफी मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट हैं। उनके क्लीनिक पर दूर-दराज से लोग उपचार के लिए आते हैं। आरोपित विभिन्न न्यूज चैनल्स पर विशेषज्ञ के रूप में आकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी देता है।

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