गाजियाबाद में डॉक्टर की लापरवाही से असमय दुनिया छोड़ गया होनहार युवा विज्ञानी
मुरादनगर के युवा वैज्ञानिक आशुतोष तोमर को मरणोपरांत सम्मान मिला है, उनकी ब्रह्मांड संबंधी शोध अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका एपीजे ...और पढ़ें

युवा विज्ञानी आशुतोष तोमर को मरने के बाद बड़ा सम्मान मिला।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, मुरादनगर। दोषपूर्ण उपचार के चलते जान गंवाने वाले युवा विज्ञानी आशुतोष तोमर को मरने के बाद बड़ा सम्मान मिला है। अपनी ब्रह्माण्ड संबंधित जिस शोध पर आशुतोष काम कर रहे थे, उसे अमेरिका की प्रख्यात पत्रिका एपीजे ने प्रकाशित करने का निर्णय किया है। युवक के पिता ने गर्व मिश्रित दुख प्रकट करते हुए कहा कि चिकित्सक की लापरवाही से उनका होनहार बेटा व युवा विज्ञानी असमय दुनिया छोड़ गया। इसके दोषी चिकित्सक और उसके पिता उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं।
नगर की वंदना एंक्लेव कालोनी में रहने वाले अधिवक्ता बिजेंद्र कुमार तोमर का 26 वर्षीय एकलौता बेटा आशुतोष नैनीताल स्थित आर्यभट्टा स्पेस रिसर्च सेंटर में शोधार्थी था। गत जनवरी माह में आशुतोष छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था। इस दौरान रात में उसके पेट में दर्द होने पर स्वजन ने उसे स्थानीय हंस अस्पताल में भर्ती कराया।
आरोप है कि चिकित्सक के दोषपूर्ण उपचार के चलते युवक की हालत बिगड़ और उसकी मौत हो गई। युवक के पिता ने चिकित्सक और उसके पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को युवक के पिता ने बताया कि दो दिन पहले उन्हें आशुतोष के संस्थान से मेल पर जानकारी मिली कि उसकी रिसर्च को अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका एपीजे प्रकाशित करने जा रही है। उक्त पत्रिका में प्रकाशित होने वाले आशुतोष जिले के पहले छात्र होते।
आशुतोष रिसर्च अंतर तारामंडलीय धूल कणों के संचरण संबंधित है। युवक का पिता का कहना है यदि आज उनका बेटा जीवित होता तो यह क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होती, लेकिन चिकित्सक की लापवाही ने उनसे असमय ही उनकी बेटे और देश से एक होनहार युवा विज्ञानी को छीन लिया। इसके अलावा आरोपित चिकित्सक सचिन त्यागी और उसका पिता खुद को निर्दोष बताते हुए उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं।
