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गाजियाबाद में RTO ऑफिस के बाहर फैला दलालों का जाल, भरोसे में लेकर वाहन मालिकों से वसूल रहे रकम

Published: Fri, 29 May 2026 08:21 AM (IST)

गाजियाबाद आरटीओ कार्यालय के बाहर दलाल लाइसेंस नवीनीकरण और अन्य कार्यों के नाम पर वाहन मालिकों से 4-5 हजार रुपये वसूल रहे हैं।

आरटीओ के बाहर दलालों का जाल। जागरण

आरटीओ के बाहर दलालों का जाल। जागरण

HighLights

  1. आरटीओ के बाहर दलाल सक्रिय, करते हैं वसूली।

  2. लाइसेंस नवीनीकरण में 4-5 हजार रुपये की मांग।

  3. काम में देरी, विरोध पर धमकाने का आरोप।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद में संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के बाहर दलालों की सक्रियता से वाहन स्वामी परेशान हैं।

आरोप है कि लाइसेंस नवीनीकरण और अन्य कार्यों के नाम पर लोगों से चार से पांच हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। रकम लेने के बाद भी काम समय पर नहीं हो रहा, जिससे लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

विरोध करने पर धमकाने की शिकायत की

वाहन स्वामियों का आरोप है कि कार्यालय के बाहर बैठे कुछ लोग जल्दी काम कराने का भरोसा देकर लोगों को अपने झांसे में लेते हैं। शुरुआत में भरोसा दिलाया जाता है कि बिना किसी परेशानी के कुछ ही दिनों में कार्य पूरा करा दिया जाएगा, लेकिन बाद में काम लटक जाता है। जानकारी मांगने पर टालमटोल की जाती है। कई लोगों ने विरोध करने पर धमकाने जैसे व्यवहार की शिकायत भी की है।

चर्चा यह भी है कि दलालों के बीच एडीटीसी सेंटर से लाइसेंस बनाए जाने और काम जल्दी कराने के दावे खुलेआम किए जा रहे हैं। इससे कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कार्यालय के बाहर सक्रिय दलालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। वाहन स्वामियों से अपील है कि किसी भी कार्य के लिए सीधे विभागीय काउंटर या आनलाइन पोर्टल का उपयोग करें।

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केस स्टडी - 1

साहिबाबाद निवासी एक वाहन स्वामी सोमवार को अपने ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण की जानकारी लेने आरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालय के बाहर बैठे एक दलाल ने जल्दी काम कराने का भरोसा देकर उनसे चार हजार रुपये ले लिए थे।

15 दिन बीतने के बाद भी लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हुआ। जब उन्होंने काम की स्थिति पूछी तो टालमटोल की गई। विरोध करने पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप लगाया।

केस स्टडी - 2

मोदीनगर निवासी एक ट्रांसपोर्टर ने बताया कि व्यावसायिक वाहन के दस्तावेज अपडेट कराने के लिए उन्होंने आरटीओ कार्यालय के बाहर बैठे एक व्यक्ति से संपर्क किया था। आरोप है कि उस व्यक्ति ने जल्द काम कराने का आश्वासन देकर साढ़े चार हजार रुपये ले लिए। कई दिन गुजरने के बाद भी दस्तावेज अपडेट नहीं हुए।

ट्रांसपोर्टर का कहना है कि जब उन्होंने पैसे वापस मांगने या काम की जानकारी लेने का प्रयास किया तो उन्हें बार-बार बाद में आने की बात कहकर टाल दिया गया।