जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : नवीन फल व सब्जी मंडी में किसान भवन बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। छह साल पहले किसान भवन को तोड़ दिया गया था, लेकिन उसके स्थान पर किसानों के आराम करने की कोई व्यवस्था नहीं हुई। इससे किसानों को भटकना पड़ रहा है। किसानों ने भवन तोड़ने का फिर से विरोध शुरू कर दिया है। नया भवन बनवाने के लिए किसान प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटे हैं।

मंडी में झंडापुर वाले गेट के पास किसान भवन बना था। साल 2014 में किसान भवन तोड़ने का प्रस्ताव पास हुआ था। उस दौरान किसान व व्यापारियों ने इसे तोड़ने का विरोध किया था। विरोध को दरकिनार कर 2016 में भवन तोड़ दिया गया। तब किसानों से दूसरा भवन बनाने का वादा किया गया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ है। किसान अपनी फसल को सुबह तीन-चार बजे मंडी में लाते हैं। किसान भवन में किसान आराम करते थे और रात में ठहरते थे। किसानों को अब मंडी परिसर में खुले में आराम करना पड़ रहा है। सरकारी धन का हुआ नुकसान : भवन के स्थान पर करोड़ों रुपये की लागत से 15 दुकान बी श्रेणी और 45 दुकान सी श्रेणी की बनाई गई थी। अब तक इन इनमें से महज सात-आठ दुकानें बिकी हैं। कुछ दुकानों की हालत जर्जर हो रही है। दुकान बेचकर मंडी समिति ने राजस्व पाने की योजना बनाई थी। भवन भी टूट गया व दुकान भी नहीं बिकी। ऐसे में दोहरा नुकसान हुआ है। वहीं व्यापारी दुकानों की कीमत कम करने व दुकान खरीदने के लिए सरकार से कर्ज दिलाने की मांग कर रहे हैं। वर्जन..

भवन टूटने के बाद से किसान मंडी में परेशान घूम रहे हैं। जल्द संज्ञान नहीं लिया तो भवन का निर्माण कराने के लिए प्रदर्शन किया जाएगा।

-हरिओम शर्मा, किसान।

-----

मंडी में किसान भवन टूटने से हम परेशान हैं। भवन में किसान रात को ठहर जाते थे। दोबारा से किसान भवन का निर्माण होना चाहिए।

- जरीफ, किसान।

-----

मेरे कार्यकाल में भवन नहीं तोड़ा गया। साल 2014 में किसान भवन तोड़ने का प्रस्ताव पास हुआ था। दुकान बेचने का प्रयास किया जा रहा है।

- विश्वेंद्र कुमार, सचिव, मंडी समिति।

Edited By: Jagran