हसीन शाह, गाजियाबाद

सेवानिवृत्त वैज्ञानिक ससुर के मुंह पर थाने में थूकने वाली युवती ने 20 लाख रुपये लेकर पति से समझौता कर लिया। आठ माह पहले परिवार काउंसिलर ने दोनों पक्षों को सुनने के लिए थाने बुलाया था। इस दौरान उसने अपने ससुर के मुंह पर थूक दिया था। गुस्साए पति ने उसे थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद युवती ने पति पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की थी। समझौता करने के लिए उसने 40 लाख की मांग की थी।

हैदराबाद निवासी सेवानिवृत्त वैज्ञानिक का बेटा एमटेक कर हैदराबाद में ही एक निजी कंपनी में उच्च पद कार्यरत है। तीन साल पहले बेटे की फेसबुक पर इंदिरापुरम निवासी युवती से दोस्ती हुई थी। युवती ने बीटेक कर रखा था और वह नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करती थी। कुछ दिन बाद दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग हो गया। युवक ने अपने स्वजनों से बात कर युवती से शादी करने को कहा। दोनों के परिवार शादी के लिए तैयार हो गए। युवक ने शादी में दहेज लेने से इन्कार कर दिया। स्वजनों ने अहमदाबाद जाकर बहुत ही कम खर्च में उनकी शादी कर दी। शादी के बाद युवती ने नौकरी छोड़ दी। उसने अपने पति के साथ हैदराबाद में रहना शुरू कर दिया। स्थानीय परिवाद समिति की चेयरमैन व परिवार न्यायालय विशेषज्ञ नीलम त्यागी ने बताया कि शादी के बाद युवक चाहता था कि पत्नी उसके परिवार वालों की सेवा करे। मगर, युवती ने सास व ससुर की सेवा करने से इन्कार कर दिया था। इस पर दोनों की बीच विवाद शुरू हो गया। युवती ने पति समेत व ससुर समेत अन्य पर गाजियाबाद महिला थाने मे घरेलू हिसा का मुकदमा दर्ज करा दिया। थूकने के बाद जड़ दिया था थप्पड़

ससुर के मुंह पर थूकने पर युवती को जब उसके पति ने थप्पड़ मारा तो पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया। हालांकि पुलिस को युवती के थूकने के बारे में पता नहीं था। पुलिस द्वारा हिरासत में लेने पर काउंसिलर ने आपत्ति जताई। काउंसिलर ने युवती की गलती बताते हुए पूरी कहानी बताई तो पुलिस ने युवक को छोड़ दिया। युवती ने थप्पड़ को आधार बताते हुए भी पुलिस से शिकायत की।

सम्मान के कारण ससुर ने नहीं खोला मुंह

बहू के थूकने पर ससुर ने सम्मान के कारण विरोध नहीं किया। काउंसिलर व पति ने उस युवती को ससुर पर थूकते हुए देखा था। मगर ससुर ने सम्मान के कारण इस बारे में किसी नहीं बताया। अपने बेटे से भी किसी को बताने से इन्कार कर दिया था।

हवाई जहाज से तारीख पर आता था परिवार

ससुर अपने बेटे के साथ हवाई जहाज से यात्रा कर गाजियाबाद न्यायालय में तारीख पर आते थे। दोनों पक्षों को काउंसिलिग के लिए आना पड़ता था। पति ने बार-बार लंबी यात्रा तय कर तारीख पर आने और जेल जाने से बचने के लिए महिला को 20 लाख रुपये देकर समझौता कर लिया।

Posted By: Jagran

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