जासं, गाजियाबाद: राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए शांति नगर में नगर निगम ने एक साल पहले सरकारी जमीन पर बने 14 मकानों को ध्वस्त कर दिया था। इससे 14 परिवार बेघर हो गए थ। बेघरों को नगर निगम के प्रबंधाधीन जमीन को अपनी बताकर एक पूर्व पार्षद सहित आठ लोगों ने ठगी की है। इनके खिलाफ नगर निगम की ओर से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, ताकि बेघर हुए परिवारों को इंसाफ मिल सके।

दरअसल, नगर निगम द्वारा मकान तोड़े जाने के बाद लोगों ने दावा किया था कि नगर निगम के प्रबंधाधीन जमीन को अपनी बताकर कुछ लोगों ने उनको लाखों रुपये में बेची है। इसके बाद नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने इस मामले में जांच बैठाई थी। जांच के दौरान पूर्व पार्षद मुकेश त्यागी सहित आठ लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के पास भेजी थी। जिलाधिकारी ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के लिए नगर आयुक्त को इस मामले में नगर निगम की ओर से आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इस मामले में आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए एसएसपी पवन कुमार को पत्र भेजा है, जिससे कि बेघरों को इंसाफ मिल सके। बाक्स..

इन लोगों ने बेची थी सरकारी जमीन

नाम निवासी

इंदु त्यागी नंदग्राम

सूरज पासवान अज्ञात

रजनीश चौधरी नंदग्राम

ब्रिजेश त्यागी नंदग्राम

बबीता शर्मा शांति नगर

ओम त्यागी घूकना

महेश शर्मा अज्ञात

इंद्रपाल घूकना बाक्स..

इन लोगों के टूटे थे मकान

शकील अहमद, संतोष, अंजू देवी, शिक्षा देवी, कांति, राकेश, जयप्रकाश मौर्य, राजेंद्री देवी, महीपाल, रीता, राहुल, सुनीता और देवेंद्र सिंह तथा दो अज्ञात।

खाली कराई गई थी 741 वर्गमीटर जमीन: नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए जरूरी 741 वर्गमीटर जमीन खाली कराई गई थी, जिससे वहां पर रह रहे लोगों को 3.51 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई आरोपितों से कराई जाएगी। वर्जन..

नगर आयुक्त द्वारा भेजी गई रिपोर्ट का अवलोकन कर संबंधित के खिलाफ नगर निगम की ओर से मुकदमा दर्ज कराने के लिए निर्देश दिए हैं। क्योंकि बेची गई जमीन नगर निगम के प्रबंधाधीन थी। इसके साथ ही आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए एसएसपी को पत्र भेजा है, जिससे कि बेघरों को जल्द ही इंसाफ दिलाया जा सके। - राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी

Edited By: Jagran