1971 के युद्ध से कारगिल तक: वायुसेना के जांबाजों ने याद किए शौर्य के दिन, नारी शक्ति को सराहा
हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर सेवानिवृत्त वायुसेना कर्मियों ने युवाओं और महिला जवानों के शौर्य पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने 1971 ...और पढ़ें

युवाओं के शौर्य को देख गर्व से फूल उठा सीना
HighLights
एयर वाइस मार्शल प्रदीप कुमार ने 1971 युद्ध में विशेष योगदान दिया
विंग कमांडर विजय माथुर ने 1971 युद्ध में अहम भूमिका निभाई
वायुसेना में महिला जवानों की बढ़ती भागीदारी देखकर सेवानिवृत्त जवान प्रसन्न
राहुल कुमार, साहिबाबाद। पहले खुद पाकिस्तान को वर्ष 1947, 1965, 1971 समेत 1999 के कारगिल युद्ध में धूल चटाई। अब युवाओं व अपनों के शौर्य को देखकर सीना गर्व से फूल जाता है।
हमने किस तरह से युद्धों में योगदान दिया वह दिन याद कर उनमें अपना चेहरा देखते हैं। वायुसेना में महिला जवानों की भागीदारी देखकर और अच्छा लगता है। ये कहना था हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर बृहस्पतिवार को पहुंचे सेवानिवृत्त वायु सेना के जवानों का।
साल 2007 में भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत एयर वाइस मार्शल प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में विशेष योगदान दिया था। युद्ध के दौरान हेलिकॉप्टर लेकर बांग्लादेश (उस समय पाकिस्तान) में प्रवेश किया था।
विशिष्ट सेवा मेडल से हुए सम्मानित
इस युद्ध में पाकिस्तान ने ढाका में आत्मसमर्पण किया था। इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने विशिष्ट सेवा मेडल देकर सम्मानित किया था। आज विशिष्ट सेवा मेडल मिला है। अब युवाओं को देखकर गर्व महसूस होता है।
उनके शौर्य को देखकर अपने दिन याद आ जाते हैं और सीना गर्व से फूल जाता है। रिटायर्ड विंग कमांडर विजय माथुर ने बताया कि भारत-चाइना वार के बाद वर्ष 1963 में भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। एक से एक फाइटर जेट को उड़ाया है। आयल प्रोडक्शन में सबसे अधिक कार्य किया।
देश की सुरक्षा में योगदान दिया
साल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अहम योगदान दिया। जोधपुर एयरबेस को वह बार-बार क्षतिग्रस्त कर जाते थे। जब हमारे लड़ाकू विमान आते थे तो उनको उसी रन-वे पर लैंड कराते थे। इसके लिए तमाम सम्मान मिले। अब भाई समेत परिवार के तमाम लोग भी देश की सुरक्षा में योगदान दिया और दे रहे हैं।
उनके शौर्य को देखकर गर्व होता है। अब भारतीय वायुसेना ने बहुत तेजी से बदलाव किए हैं। लगातार बढ़ोतरी और वृद्धि हो रही है। एआइ का उपयोग भी खूब हो रहा है, लेकिन नारी शक्ति अहम योगदान निभा रही है। आज भी पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देखी गई। महिला शक्ति भी कई गुना बढ़ी है। उनका कहना है कि कोई भी कार्य बिना नारी शक्ति के अधूरा है।
कारगिल युद्ध में दुश्मनों के छुड़ाए छक्के
वर्तमान में भारतीय वायुसेना में तैनात नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनका कारगिल युद्ध में अहम योगदान रहा था। दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए। इसके अलावा वर्ष 2016 में पंजाब के पठान कोट पर जैश-ए-मोहम्मत के आतंकियों ने हमला किया था। इस आपरेशन में भी वह शामिल रहे। हमारे लिए राष्ट्र सुरक्षा ही सर्वोपरि है।
