जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : औद्योगिक निवेश नीति-2012 के अंतर्गत औद्योगिक इकाई लगाने के लिए आवंटित भूमि के पंजीयन में यहां 50 प्रतिशत स्टांप शुल्क की छूट की व्यवस्था है। ऐसी 126 इकाइयों की तलाश की जा रही है, जिन्होंने स्टांप शुल्क की छूट लेकर भूखंड में इकाई स्थापित की है या नहीं इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी।

जिले में औद्योगिक विकास नीति-2012 के तहत जिले में 854 ने इकाई लगाने को जमीन खरीदने में स्टांप शुल्क छूट का लाभ लिया। इनमें से 126 ऐसी इकाइयां है, जिन्होंने जिला उद्योग केंद्र में भूखंड पर इकाई स्थापित करने की या नहीं इस बारे में जानकारी नहीं दी है। वहीं स्टांप शुल्क की छूट के सापेक्ष दी गई बैंक गारंटी की अवधि पूरी हो चुकी है, इन सभी 126 विभाग के पटल पर उपस्थिति दर्ज न कराने वालों की तलाश की जा रही है। इस संबंध में प्रमाणीकरण संस्था परियोजना अधिकारी व क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा को पत्र भेजकर सात दिन में संबंधित औद्योगिक इकाई व प्रमाणीकरण संस्था से उक्त भूखंड पर उद्योग इकाई स्थापित करने या न करने की सूचना मांगी है, ताकि उनके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जा सके।

---------

50 फीसद स्टांप शुल्क छूट होती है बैंक में जमा

उद्योग नीति-2012 के तहत उद्योग लगाने के लिए जमीन खरीद में 50 फीसदी स्टांप शुल्क छूट को बैंक गारंटी के तौर पर जमा किया जाता है। औद्योगिक इकाई लगाने के बाद यह बैंक गारंटी उद्यमी को रिलीज कर दी जाती है। ऐसे 126 मामले हैं, जिनमें करोड़ों का स्टांप शुल्क छूट का लाभ लिया। उद्योग लगा या नहीं बैंक, गारंटी रिलीज हुई या नहीं इसकी जांच पड़ताल चल रही है।

-----------

ऐसे 126 मामले हैं, जिनमें उद्योग लगाने के लिए जमीन खरीद में स्टांप शुल्क छूट का लाभ लिया है। बैंक गारंटी सहायक निबंधक की अनुमति के बिना अवमुक्त करने पर संबंधित शाखा प्रबंधक के खिलाफ विधिक कार्यवाही के लिए शासन से संस्तुति की जाएगी। वहीं, प्रमाणीकरण संस्था की गैर जिम्मेदारी कार्य प्रणाली से शासन को अवगत कराया जाएगा।

- बीरेंद्र कुमार, उपायुक्त उद्योग - शाहनवाज अली

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस