फिरोजाबाद: ₹200 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी रेडियोलॉजिस्ट गिरफ्तार, फर्जी वर्क ऑर्डर देकर ठगी; तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई
तेलंगाना पुलिस ने फिरोजाबाद से ₹200 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी रेडियोलॉजिस्ट के. हरिकृष्णा को गिरफ्तार किया है। वह हैदराबाद ...और पढ़ें

रेडियोलाजिस्ट के. हरिकृष्णा। इंसेट में
HighLights
तेलंगाना पुलिस ने फिरोजाबाद से ₹200 करोड़ धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ा।
रेडियोलॉजिस्ट के. हरिकृष्णा फर्जी वर्क ऑर्डर से निवेशकों को ठग रहा था।
आरोपी के भाई और भाभी भी इस बड़े धोखाधड़ी मामले में शामिल हैं।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। हैदराबाद की कपड़ा कंपनी से जुड़े करीब 200 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे रेडियोलॉजिस्ट के. हरिकृष्णा को तेलंगाना पुलिस ने सोमवार को फिरोजाबाद से गिरफ्तार कर लिया। साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने थाना उत्तर पुलिस के सहयोग से सोमवार को यह कार्रवाई की। आरोपित पिछले तीन माह से विभव नगर स्थित केशव धाम सोसाइटी में किराये पर रह रहा था।
के. हरिकृष्णा एमबीबीएस और एमडी है और वह विभव नगर स्थित गणेश अल्ट्रासाउंड सेंटर में रेडियोलॉजिस्ट के रूप में कार्य कर रहा था।
तेलंगाना से ईओडब्ल्यू के उपनिरीक्षक वेंकटेश्वर, नरेंद्र और मोहम्मद मौसिम की टीम सोमवार को फिरोजाबाद पहुंची। स्थानीय पुलिस से संपर्क करने के बाद टीम ने अल्ट्रासाउंड सेंटर के आसपास घेराबंदी की और हरिकृष्णा को पकड़ लिया। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तेलंगाना पुलिस मंगलवार को ट्रांजिट रिमांड के लिए आरोपित को न्यायालय में पेश करेगी।
फर्जी वर्क ऑर्डर देकर निवेश का झांसा
तेलंगाना पुलिस के अनुसार, हैदराबाद की श्री साईंराम एंटरप्राइजेज और उससे जुड़ी कुछ शेल कंपनियों के माध्यम से निवेशकों को कथित तौर पर फर्जी वर्क ऑर्डर और अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। इसके बाद बड़ी रकम निवेश के नाम पर जमा कराई गई। मामले में करीब 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। जांच में हरिकृष्णा के भाई की भूमिका भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक धोखाधड़ी की रकम में से करीब 50 लाख रुपये उसके भाई ने हरिकृष्णा के बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे। इसके बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बाहर था।
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भाभी के नाम कंपनी, भाई समेत कई आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि संबंधित कंपनी हरिकृष्णा की भाभी संध्या के नाम पर पंजीकृत है। मामले में उसके भाई और साला राम को भी आरोपित बनाया गया है। भाभी और साला को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि उसका भाई अभी फरार बताया जा रहा है।
