शिकोहाबाद,संवाद सहयोगी। बीती रात इटावा में नेजा चढ़ाकर दो भाइयों की बाइक को ट्रक ने रौंद डाला। हादसे में छोटे भाई की मौत हो गई, जबकि तहेरे भाई को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस के सीमा विवाद में उलझे परिजन पूरी रात भटकते रहे।

सिरसागंज के गांव गुढि़या टीकुर निवासी गोविद सिंह ने इटावा में बरमानी मैया के मंदिर पर नेजा चढ़ाया था। पूरा गांव ट्रैक्टर और बाइकों से नेजा में शामिल होने गया था। गांव का 23 वर्षीय आकाश पुत्र केशव सिंह अपने तहेरे भाई बाबू पुत्र भोले प्रसाद के साथ बाइक से घर आ रहा था। कठफोरी के समीप तेज गति से आ रहे ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार आकाश युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की जानकारी होते ही पीछे आ रहे ग्रामीण पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल लाए। यहां से आकाश को शिकोहाबाद रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई।

- दो माह पहले हुई थी आकाश की शादी: मुंबई में हलवाई का काम करने वाले आकाश की शादी 21 जनवरी को खेड़ा धौलपुर निवासी किरन के साथ हुई थी। शादी के बाद किरन होली पर अपने घर चली गई। अभी कुछ दिनों पहले विदा होकर अपने सुसराल आई थी। पति की मौत की खबर ने उसे बुरी तरह झकझोर डाला है।

बिलखते रहे परिजन, नहीं पसीजी पुलिस: शिकोहाबाद सरकारी अस्पताल में मौत होने से परिवारीजन बिलख रहे थे, लेकिन पुलिस कर्मियों का दिल नहीं पसीजा। अस्पताल के कर्मचारी भी तमाशबीन बने रहे। कर्मचारियों ने पुलिस को अस्पताल में ही बुलाने की बजाय मृतक के परिजनों को सिरसागंज थाने पर भेज दिया। परिजन शव का पंचनामा रात में ही कराना चाहते थे, लेकिन पुलिस रात में पंचनामा करने को तैयार नहीं हुई। पंचनामा मंगलवार सुबह नौ बजे किया गया। पुलिस के इस रवैये की वजह से शव करीब दस घंटे तक अस्पताल में ही पड़ा रहा और परिजन परेशान होते रहे।

Posted By: Jagran

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