सपा टिकट के लिए दावेदारों में होड़, 'सुमन' की एंट्री ने बढ़ाई बेचैनी; फिरोजाबाद सदर सीट पर एक्टिव हुए सपाई
फिरोजाबाद सदर सीट पर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सपा टिकट को लेकर दावेदारों में हलचल तेज हो गई है। ...और पढ़ें

सपा के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन।
HighLights
फिरोजाबाद सदर सीट पर सपा टिकट के लिए दावेदारों में हलचल।
रंजीत सुमन की संभावित एंट्री से दावेदारों की बेचैनी बढ़ी।
पूर्व विधायक और प्रत्याशियों के बीच टिकट को लेकर कड़ा मुकाबला।
राजीव शर्मा, फिरोजाबाद। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सपा से टिकट मांगने वाले सक्रिय हो गए हैं। सदर सीट पर अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने के लिए पूर्व विधायक और पूर्व प्रत्याशियों के साथ कई अन्य नेता माहौल बना में जुटे हैं। इसके लिए इंटरनेट मीडिया का सहारा लिया जा रहा है।
इस बीच सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन के बेटे को यहां से चुनाव लड़ाने की चर्चाओं ने नई बहस छेड़ दी है। हालांकि पार्टी पदाधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
सपा का गढ़ माने जाने वाले जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन पर पार्टी का कब्जा है, लेकिन सदर और टूंडला सीट पर काफी प्रयास के बाद भी पार्टी जीतने में सफल नहीं हो पाई।
सपा के पूर्व विधायक और पूर्व प्रत्याशियों के बीच है कड़ा मुकाबला
पिछले चुनाव में सदर सीट पर सपा के सैफुररहमान उर्फ छुट्टन भाई भाजपा के मनीष असीजा से 32 हजार से अधिक वोटों से हारे थे। भाजपा ने यहां हैट्रिक बनाई। सपा की हार का कारण पूर्व विधायक अजीम भाई की बगावत को मना गया। उन्होंने सपा से टिकट न मिलने पर अपनी पत्नी शाजिया को बसपा से चुनाव लड़ाया था। उन्हें 37 हजार से अधिक वोट मिले थे।
अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे, इंटरनेट मीडिया बना मैदान
चुनाव के बाद अजीम भाई की सपा में वापसी हो गई। अब उनके समर्थक उनके पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। अजीम भाई भी काफी सक्रिय हो गए हैं। इधर छुट्टन भाई के समर्थक भी इंटरनेट मीडिया के सहारे माहौल बनाने में जुटे हैं। जिससे पार्टी नेतृत्व की चिंता अभी से बढ़ गई है। दोनों में से किसी एक को टिकट देने से दूसरे के नाराज होने का खतरा है। इन दोनों के बीच पूर्व प्रत्याशी खालिद नसीर और समाजसेवी जफर आलम भी मुस्लिम प्रत्याशी के विकल्प के रूप में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नजर में आने का प्रयास कर रहे हैं। जफर आलम तो खुलकर टिकट मांगने की बात कहने लगे हैं।
मुस्लिम मतदाता निभाते हैं निर्णायक भूमिका
सदर सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सपा कोई रिस्क लेना नहीं चाहती। इधर मुस्लिम क्षेत्रों में ये चर्चा तेजी से होने लगी है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन अपने बेटे रंजीत सुमन को इस सीट से चुनाव लड़वा सकते हैं। माना जा रहा है कि उनके आने से अन्य कोई दावेदारी नहीं कर पाएगा। रंजीत वर्ष 2012 से 2017 तक जलेसर सीट से विधायक रह चुके हैं। सपा से राजकुमार राठौर और पार्षद मनोज शंखवार भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
आंकड़ों की नजर में सीट
- 3.78 लाख कुल मतदाता
- 2.04 लाख पुरुष
- 1.74 लाख महिला
- 1.10 लाख मुस्लिम मतदाता (अनुमानित)
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