जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: जिला उद्योग केंद्र में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण की फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए दो फीसद कमीशन मांगने का मामला शासन तक पहुंच गया है। पूरे प्रकरण पर उद्योग निदेशालय कानपुर ने जांच बैठा दी है। संयुक्त आयुक्त उद्योग आगरा अंजू रानी के आज फीरोजाबाद आने की संभावना है, इसको लेकर जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में खलबली मची हुई है।

प्रीतम नगर के कमलेश कुमार ने मई में साउंड कारोबार को ऋण के लिए आवेदन किया था, मगर अधिकारियों ने आवेदन निरस्त कर दिया। आरोप के मुताबिक जब वह उपायुक्त से मिला तो उन्होंने कहा कि ऋण स्वीकृत कराना है तो बाबू से संपर्क करो। जब बाबू से संपर्क किया तो उसने फाइल स्वीकृत करने के लिए लोन की राशि का दो फीसद कमीशन मांगा। दो टूक कहा कि कमीशन दो अन्यथा फाइल स्वीकृत नहीं होगी। बाबू ने कहा कि इसमें से डेढ़ फीसदी हिस्सा उपायुक्त उद्योग का है। कमलेश ने इसकी शिकायत शासन से की। इस पर शासन ने जांच बैठाते हुए संयुक्त आयुक्त उद्योग आगरा को जांच अधिकारी बनाया है। सूत्रों की मानें तो बुधवार सुबह 11 बजे वह जांच करने के लिए फीरोजाबाद आएंगी। इसको लेकर विभाग में खलबली मची हुई है।

कइयों से मांगा कमीशन, कई दिन बाद जारी की सूची: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के साक्षात्कार से लेकर चयन सूची जारी करने तक विभाग सवालों के घेरे में रहा है। साक्षात्कार में भी कइयों ने आरोप लगाए थे, लेकिन किसी ने आवाज उठाने का साहस नहीं जुटाया। एक आवेदक ने इस पूरे मामले की शिकायत की। इधर, इस बार चयन सूची भी दस दिन बाद जारी की गई, जबकि इससे पहले साक्षात्कार के दूसरे दिन ही सूची जारी कर दी जाती थी। इस बार चयन कमेटी के सदस्यों के हस्ताक्षर न करने की आड़ में सूची को रोककर रखना भी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

दफ्तर के एक बाबू के खिलाफ शिकायत हुई है। साक्षात्कार पूरी पारदर्शिता के साथ में किए गए हैं। जिनके प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं हुए हैं उनमें से कुछ लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। शरद टंडन, उपायुक्त उद्योग।

Posted By: Jagran

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