जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद : विद्युत वितरण के निजीकरण के फैसले के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ दिया है। फीरोजाबाद में लेबर कॉलोनी दफ्तर पर दोपहर बाद तीन बजे से धरना प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार ने निजीकरण का फैसला वापस न लिया तो 27 मार्च से प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार होगा। धरना में अधीक्षण अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

धरना स्थल पर अभियंताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री को गुमराह किया गया है। सरकार उपलब्धियों पर जश्न मना रही है। विद्युत व्यवस्था में सुधार की बात कर रही है। खुद ऊर्जा मंत्री सप्लाई में बढ़ोत्तरी की बात कर रहे हैं। ऐसे में सुधार के नाम पर लखनऊ के साथ में वाराणसी, गोरखपुर का निजीकरण किया जाना दावों के विपरीत है। पूरे प्रदेश में इस तरह से आंदोलन किया जा रहा है, ताकि इस तरफ सरकार का ध्यान खींचा जा सके। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि गुमराह करने वाले अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए। सूबे में आगरा सहित ग्रेटर नोएडा में भी निजीकरण के चलते कॉरपोरेशन को क्षति पहुंची है। निजीकरण से पहले सरकार यहां होने वाले घोटालों की समीक्षा करे।

लेबर कॉलोनी दफ्तर पर धरना प्रदर्शन में अधीक्षण अभियंता सुनील सक्सैना, केबी गुप्ता, अधिशासी आरपी वर्मा, ब्रजेश कुमार, दुर्गा प्रसाद, धर्मेंद्र राजपूत, राजवीर ¨सह, अहमद हसन, सचिन गुप्ता, खालिद अजीज, एसएन ¨सह, संजीव कांत वर्मा, विवेक शर्मा आदि ने भी हुंकार भरते हुए निजीकरण का विरोध किया।

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नहीं बदला फैसला तो जाएंगे जनता के बीच :

संघर्ष समिति ने फैसला लिया कि अगर सरकार ने निजीकरण पर कदम पीछे नहीं हटाए तो इस मामले में कर्मचारी जनता के बीच में जाएंगे तथा सरकार की इस जनविरोधी नीति के संबंध में बताएंगे।

Posted By: Jagran

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