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यूपी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर लगेगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, ARTO में होगा रजिस्ट्रेशन

Published: Mon, 28 Sep 2026 02:42 PM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2026 04:00 PM (IST)

फिरोजाबाद में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अब ट्रैक्टर की ट्रॉलियों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होगा। ...और पढ़ें

ट्रैक्टर ट्राली में बैठकर रविवार को जाते जाते श्रमिक : जागरण

ट्रैक्टर ट्राली में बैठकर रविवार को जाते जाते श्रमिक : जागरण 

HighLights

  1. ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य होगी।

  2. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।

  3. ट्रॉलियों का पंजीकरण अब एआरटीओ कार्यालय में होगा।

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अब ट्रैक्टर की ट्रालियों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगेंगीं। कृषि कार्य में उपयोग होने के कारण अब तक ट्राली का पंजीयन नहीं होता था। इससे यह भी पता नहीं चलता था कि यह ट्रॉली किस के नाम पर है।

पिछले वर्ष शासन ने नंबर प्लेट की व्यवस्था को लागू करने के आदेश दिए थे, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। अब दुर्घटनाओं में कमी लाने को अभियान चलाने की तैयारी है।

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती बरतेगा परिवहन विभाग

जिले में 23,431 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र 63 ही व्यवसायिक कार्य के लिए दर्ज हैं। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे ट्रैक्टर हैं। जिनका पंजीकरण तो कृषि कार्य के लिए है, लेकिन उनको उपयोग ईंट, मिट्टी की ढुलाई और लोगों को लाने ले जाने में किया जाता है।

एआरटीओ कार्यालय में होगा पंजीकरण, चेसिस नंबर भी लिखा जाएगा

शहर में प्रमुख मार्गाें से लेकर हाईवे तक ट्रैक्टर ट्रॉलियों से कारखाना श्रमिक आते-जाते आसानी से दिखाई दे जाते हैं। इस कारण दुर्घटनाएं होती हैं। इसलिए नियमों में बदलाव कर अब ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली का पंजीयन भी परिवहन विभाग में कराना होगा। साथ ही ट्रॉली पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगानी होगी। इससे यह आसानी से पता चल जाएगा कि ट्रॉली का स्वामी और निर्माता कौन है। ट्रॉली का पंजीकरण एआरटीओ कार्यालय में होगा। उस पर चेसिस और पंजीकरण नंबर भी पड़ेगा।

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सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए शासन ने एक वर्ष पूर्व यह व्यवस्था लागू की थी। तत्कालीन अधिकारियों की अनदेखी से इसका पालन नहीं हो सका था, लेकिन अब सख्ती से अभियान चलाकर पालन कराया जाएगा। इसमें पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

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गौरीशंकर ठाकुर, एआरटीओ