जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद : छत से गिरने के बाद लल्ली की ¨जदगी बेड तक सिमट कर रह गई थी। गरीब परिवार अच्छे नर्सिंग होम का खर्च उठाने में सक्षम नहीं था। ऐसे में परिजनों ने बेटी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में आज तक स्पाइनल सर्जरी नहीं हुई थी, ऐसे में परिजन ¨चतित थे, लेकिन शुक्रवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ ने ऑपरेशन कर लल्ली को नई ¨जदगी दी। कई दिन बाद बेटी ने खुद पैर हिलाए तो परिजनों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।

हबीबगंज रामगढ़ निवासी अलताफ की 17 वर्षीय बेटी लल्ली छत से गिर गई थी। इससे रीढ़ की हड्डी एल-वन में फ्रैक्चर हो गया था। स्पाइनल कार्ड एवं निकट की नर्व नसें दब गई थीं। इससे लल्ली को निचले हिस्से में पैरालाइसिस की शिकायत हो गई। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। कुछ लोगों ने अच्छे नर्सिंग होम में ले जाने की सलाह दी, जहां पर ऑपरेशन का खर्च 80 हजार से एक लाख के बीच था। मामले की जानकारी मिलने पर नगर विधायक मनीष असीजा ने अस्पताल प्रशासन से संपर्क साध लल्ली के इलाज की बात की। अस्पताल में आज तक ऐसी सर्जरी नहीं हुई थी, लेकिन सीएमएस डॉ.आरके पांडे ने एमएस ऑर्थोपेडिक डॉ.अनीष अग्रवाल के साथ मंथन कर ऑपरेशन की तैयारी की। शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे शुरू ऑपरेशन 5 घंटे तक चला। दोपहर बाद जब ऑपरेशन सफल हुआ तो लल्ली ने कई दिनों बाद अपने पैर हिलाए। सीएमएस का कहना है कि प्लेट की सहायता से हड्डी को फिट कर प्रेशर कम किया है। कुछ दिनों बाद लल्ली फिर से अपने पैरों पर खड़ी हो सकेगी।

By Jagran