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त्योहारों से पहले बिगड़ा रसोई का बजट, 58 रुपए किलो हुई चीनी; ड्राइफ्रूट्स और तेल के दाम भी बढ़े

Published: Mon, 17 Aug 2026 06:08 PM (IST)

फिरोजाबाद में पिछले एक माह में चीनी, तेल, चावल और ड्राइफ्रूट्स सहित रसोई के आवश्यक सामानों के दाम काफी बढ़ गए हैं, जिससे परिवारों का बजट बिगड़ गया है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. चीनी, तेल, चावल, ड्राइफ्रूट्स के दाम एक माह में बढ़े।

  2. आपूर्ति कमी, कम वर्षा, त्योहारी मांग महंगाई के कारण।

  3. फिरोजाबाद में रसोई का बजट बिगड़ा, गृहणियां परेशान।

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। बाजार में चीनी, तेल, चावल और ड्राइफ्रूट्स के दाम पिछले एक माह में बढ़ गए हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। आपूर्ति की कमी, कम वर्षा और त्योहारी मांग के चलते चीनी 58 रुपये किलो हो गई है। पहले यह 44 रुपये किलो थी। इसी तरह सरसों का तेल 15 से 20 रुपये किलो महंगा हो गया है। त्योहारी सीजन में हुई महंगाई से गृहणियां परेशान हैं।

त्योहारी सीजन में महंगाई ने गृहणियों को परेशान कर दिया है, जिसका सीधा असर भोजन की थाली पर पड़ रहा है। इस स्थिति ने परिवारों के बजट को प्रभावित किया है। जिससे उन्हें अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।

बाजार में सरसों का तेल पहले 170 रुपये किलो था, जो बढ़कर 190 रुपये किलो हो गया है। इसी तरह बासमाती चावल 50 रुपये किलो था। वह अब 70 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं दालों पर भी पांच से 10 रुपये प्रति किलो की बढ़त हुई है। जिससे गृहणियों को अपने दैनिक खर्चों को संतुलित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

त्योहारी सीजन में बढ़ती कीमतों ने लोगों की खरीदारी की क्षमता को प्रभावित किया है, जिससे बाजार में मंदी का खतरा भी बढ़ गया है। इस प्रकार, रसोई में महंगाई का यह संकट न केवल गृहणियों के लिए, बल्कि पूरे परिवार के लिए चिंता का विषय बन गया है।

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इन पदार्थों पर बढ़े दाम

खाद्य पदार्थ दाम एक माह पहले (प्रति रुपये किलो/टीन) दाम अब (प्रति रुपये किलो/टीन)
चीनी 44 57-58
सरसों का तेल 170 190-195
चावल बासमती 50 70
पिस्ता 1000 1400
अखरोट मिगी 800 900
बादाम मिगी 800 1050
रिफाइंड 2400-2500 2670-2700

तेल, रिफाइंड और अन्य खाद्य पदार्थों की महंगाई का सीधा असर रसोई पर पड़ा है। तेल महंगा होने से मध्यम व गरीब वर्ग के परिवारों की भोजन थाली महंगी हो गई है। नौकरी पेशा लोग महीने का खर्च मुश्किल से चला पा रहे हैं। -वंदना पांडेय, महावीर नगर, गृहणीं

रसोई का बजट संतुलित रखने के लिए कम तेल के साथ सुविधा अनुसार ही खाद्य पदार्थों का उपयोग करना पड़ रहा है। सूखी सब्जियां व उबले भोजन का प्रयोग बढ़ गया है। आगे अन्य वस्तुओं के महंगे होने की भी आशंका है। -गीता अशर्फी नगर, गृहणी