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UP News: 75 बीघा जमीन घोटाले में SDM और नायब तहसीलदार सहित 18 पर प्राथमिकी; रिश्तेदारों के नाम पर करा दिए थे बैमाने

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के रुधैनी गांव में हुए 75 बीघा जमीन घोटाले में बुधवार रात एसडीएम विवेक राजपूत और नायब तहसीलदार नवीन कुमार सहित 18 लोगों पर प्राथमिक दर्ज कराई गई है। डीएम द्वारा कराई गई जांच में दोषी पाए जाने पर शासन ने बुधवार शाम को ही इन अधिकारियों सहित पांच राजस्व कर्मियों को निलंबित किया था।

By Jagran News Edited By: Abhishek Pandey Thu, 11 Jul 2024 08:58 AM (IST)
UP News: 75 बीघा जमीन घोटाले में SDM और नायब तहसीलदार सहित 18 पर प्राथमिकी; रिश्तेदारों के नाम पर करा दिए थे बैमाने
SDM और नायब तहसीलदार सहित 18 पर प्राथमिकी (प्रतिकात्मक फोटो)

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। सिरसागंज में विवादित 75 बीघा भूमि अपने रिश्तेदारों के नाम कराने के मामले में शासन ने बुधवार को एसडीएम विवेक राजपूत, प्रभारी तहसीलदार रहे नायब तहसीलदार नवीन कुमार, कानूनगो मुकेश कुमार चौहान और एसडीएम के पेशकार प्रमोद शाक्य को निलंबित कर दिया।

लेखपाल अभिलाष के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। स्व. सरदार सिंह की 75 बीघा कृषि भूमि पर तीन पक्ष अपना दावा कर रहे थे। जनवरी 2019 में तत्कालीन तहसीलदार ने सरदार सिंह की बेटी होने का दावा करने वाली श्यामादेवी के पक्ष में निर्णय दिया था। इसके विरोध में सरदार सिंह के भतीजे मनोज कुमार करसौलिया और सरदार सिंह की दूसरी पत्नी भगवती देवी के दत्तक पुत्र योगेंद्र शर्मा ने एसडीएम कोर्ट में अपील की।

इस वर्ष सात जून को तत्कालीन एसडीएम सिरसागंज विवेक राजपूत ने मनोज करसौलिया के पक्ष में निर्णय दे दिया। इसके बाद साजिश के तहत 12 जून को पूरी भूमि के आठ बैनामे हो गए।

डीएम ने शासन को भेजी थी 200 पेज की रिपोर्ट

योगेंद्र पक्ष द्वारा की गई शिकायत के आधार पर डीएम रमेश रंजन ने जांच कराई तो पता चला कि एसडीएम ने अपने गृह जिला जालौन में रहने वाले चचेरे भाई दीपक राजपूत के नाम, नायब तहसीलदार ने अपनी सास राजश्री, ससुर महिपाल चाहर और आगरा में रहने वाली साली अनीता सिंह के नाम और सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो का कार्य देख रहे लेखपाल अभिलाष ने पिता सर्वेश सिंह के नाम बैनामे कराए थे। डीएम ने पांच जुलाई को 200 पेज की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।

डीएम ने बताया कि पांचों पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। एसडीएम और नायब तहसीलदार पर कार्रवाई शासन के स्तर से हुई है। कानूनगो और लेखपाल पर कार्रवाई शासन के निर्देश पर डीएम ने की है

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