फिरोजाबाद: कारखानेदारों ने दिया झटका, चूड़ी-बोतल और कांच प्रोडक्ट्स महंगे; गेल गैस दरों में बढ़ोत्तरी बनी वजह
फिरोजाबाद में दीपावली से पहले कांच उत्पादों, चूड़ियों और बोतलों की कीमतों में वृद्धि हुई है। गेल गैस की दरों ...और पढ़ें

फिरोजाबाद कांच उद्योग।
HighLights
गेल गैस की दरों में 5.66 रुपये की अप्रत्याशित वृद्धि हुई।
शराब की बोतल, चूड़ी, कांच उत्पादों पर 5-10 रुपये बढ़े।
अमेरिकी टैरिफ और निर्यातकों के लिए अनिश्चितता का माहौल बना।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। दीपावली के त्योहार से पहले कारखानेदारों ने निर्यातकों और कारोबारियों को बड़ा झटका दे दिया है। गेल गैस लि. ने पिछले पखवाड़े की अपेक्षा गैस की दरों में 5.66 रुपये की अप्रत्याशित वृद्धि कर दी गई है। इसके बाद कारखानेदारों ने शराब की बोतल पर पांच रुपये, सफेद चूड़ी पर पांच रुपये, रंगीन चूड़ी और कांच उत्पादों पर 10-10 रुपये की वृद्धि का ऐलान कर दिया है। कांच और चूड़ी पर यह वृद्धि सोमवार से लागू हो जाएगी।
अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव बढ़ने के कारण मार्च में सरकार ने गैस कोटा में 10 प्रतिशत तक कटौती कर दी है। इसके बाद कारखानों में उत्पादन घटने पर कांच पर 20 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। इसके बाद गेल गैस लि. द्वारा तीन माह में नेचुरल गैस पर 40 प्रतिशत तक दरों में वृद्धि की गई है।
सफेद चूड़ियों पर पांच, कांच और रंगीन चूड़ियों पर 10-10 रुपये सोमवार से बढ़ाए
यूपीजीएमएस के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल का कहना है कि मार्च में नेचुरल गैस के बिल 30-32 रुपये प्रति घनमीटर तक आते थे। गेल द्वारा एक अक्टूबर को 51.35 रुपये प्रति घनमीटर से नए बिल भेजे गए हैं, जिससे शराब की बोतल पर चार से पांच रुपये प्रति किलोग्राम और कांच पर 10 रुपये की वृद्धि का निर्णय लिया गया है।

कांच के प्रोडक्ट्स।
टैरिफ को लेकर असमंजस के बाद कांच पर महंगाई ने निर्यातकों की बढ़ाई मुश्किल
इधर ट्रंप की ओर से भारतीय वस्तुओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बिल पर हस्ताक्षर किए जाने से निर्यातक असमंजस के दौर से गुजर रहे थे। इसके बाद कांच पर 10 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि होने से निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) द्वारा 13 अक्टूबर से नोएडा में अंतरराष्ट्रीय फेयर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कई देशों के विदेशी कारोबारी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
निर्यातक राजेंद्र गुप्ता, सरवर हुसैन, विनीत जैन, सिंहराज यादव का कहना है कि त्योहार के सीजन में कांच पर 10 रुपये की वृद्धि होने से उत्पाद काफी महंगे हो जाएंगे, जिससे कारोबार को लेकर पूरी तरह असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय फेयर में अमेरिकी कारोबारियों के आने पर भी संशय
एक्सपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष मुकेश बंसल टोनी का कहना है कि 13 अक्टूबर से प्रस्तावित अंततराष्ट्रीय फेयर में अमेरिकी कारोबारियों के आने पर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। कई अमेरिकी कारोबारी इस बार फेयर में आएंगे अथवा नहीं, इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। जिन अमेरिकी खरीदारों के ऑर्डर पहले से आ चुके हैं, उनमें भी टैरिफ को लगातार कांच उत्पादों की दरों को लेकर मोलभाव चल रहा है। काफी कारोबारियों ने पुराने ऑर्डरों को होल्ड कर रखा है। वह बाजार की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।
तीन माह से नेचुरल गैस की रेट 40 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं। गैस महंगी होने के कारण बोतल पर पांच और कांच पर 10 रुपये की वृद्धि की गई है। इसके चलते दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार के सीजन में कांच और चूड़ी उद्योग काफी प्रभावित होगा।
पराग गुप्ता, उपाध्यक्ष उप्र ग्लास मैन्यूफैक्चरर्स सिंडीकेट (यूपीजीएमएस)
नेचुरल गैस, केमिकल, लेबर महंगी होने के कारण पाट भट्ठी में बनने वाली रंगीन चूड़ियों की दरों में सोमवार से 10 रुपये की वृद्धि की जा रही है। गैस की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के कारण दरों में वृद्धि करना मजबूरी है। इसके चलते चूड़ी उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है।
