जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: अनियमितताओं की शिकायतों पर डीएम ने बुधवार की सुबह सदर तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय पर छापा मारा। उप निबंधक समेत अधिकांश कर्मचारी नदारद थे। मात्र एक कर्मचारी उपस्थित मिला। अभिलेखों की जांच पड़ताल में कई खामियां मिलीं।

डीएम नेहा शर्मा सुबह 10.20 पर उप निबंधक प्रथम कार्यालय पहुंच गई थीं। वहां केवल एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अशोक कुमार उपस्थित मिला। उप निबंधक पीपी चौरसिया 10.45 बजे आए। निबंधन लिपिक भूपेंद्र पाल ¨सह भी देरी से आए। दोनों को डीएम ने फटकार लगाई। इस दौरान डीएम ने कार्यालय के अभिलेखों का निरीक्षण किया। बैनामों, शासनादेशों की गार्ड फाइल, एवं शिकायत रजिस्टर का निरीक्षण किया। इसमें कई कमियां मिलीं। 24 दिसंबर को हुए बैनामों के वितरण की जांच की तो पता चला कि 50 से अधिक बैनामे जमीन व भवन के खरीददारों को नहीं दिए गए थे।

इस पर डीएम ने आपत्ति जताते हुए उप निबंधक को निर्देश दिए कि सभी बैनामे उसी दिन वितरित किए जाएं। तहसील को भेजे जाने वाले बैनामे भी समय से भेजने के निर्देश दिए। शिकायतों के निस्तारण के संबंध में दो शिकायतकर्ताओं सतीश चंद्र एवं रहीसा बेगम से फोन पर बात करके उसने निस्तारण के संबंध में जानकारी ली।

डीएम ने बताया कि देर से आने पर उप निबंधक एवं लिपिक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं अधिकृत स्टांप वेंडरों की फोन नंबर सहित सूची लगाने और ऑनलाइन प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शित करते हुए बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। रिकार्ड रूम में काफी अंधेरा था। वहां प्रकाश व्यवस्था के निर्देश रूम प्रभारी गो¨वद शर्मा को दिए गए हैं। निरीक्षण के समय एसडीएम देवेंद्र ¨सह, तहसीलदार प्रसून कश्यप और स्टांप सहायक मदन कुमार मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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