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फीरोजाबाद,जागरण संवाददाता। थाना लाइनपार के क्षेत्र नगला विश्नू में कई दिनों से दूषित जलापूर्ति की शिकायत आ रही है। जलकल विभाग के एक्सईएन ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर सीवर चेंबर खुलवा कर देखा तो पाइप लाइन के ऊपर सीवर की लाइन बिछी मिली।

जलनिगम द्वारा शहर में सीवर कनेक्टिग चेंबर बनवाए गए हैं, ये जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। अधिकारियों की अनदेखी के चलते ठेकेदारों ने कई मुहल्लों में पाइप लाइन के ऊपर सीवर के मेनहोल बना दिए हैं। इससे शहर के कई मुहल्लों में दूषित पानी पहुंच रहा है। चेंबर की सफाई न होने के कारण बारिश में जगह-जगह सीवर उफन रहे हैं, जिसके जरिए घरों तक दूषित पानी पहुंच रहा है। जनता की शिकायत पर जलकल विभाग के एक्सईएन चंदन सिंह ने बुधवार को नगला विश्नू क्षेत्र में निरीक्षण किया तो पाइप लाइन के ऊपर सीवर की लाइन बिछी मिली। उन्होंने तत्काल टीम लगाकर पाइप लाइन को काटकर अलग कराया, तब दूषित पानी की समस्या दूर हो सकी। इसके साथ कौशल्या नगर, बिहारी नगर, पीरपतंगा, रामनगर, सरजीवन नगर में नालियों में खुले चल रहे डेढ़ दर्जन कनेक्शन कटवा गए।

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गंगाजल पीने से कतरा रहे लोग.

शहर के आनंद नगर, रहना सहित कई क्षेत्रों में डायरिया फैलने से बच्चों की मौत के बाद जनता गंगाजल से परहेज करने लगी है। डीएम चंद्र विजय सिंह के निर्देश पर जलनिगम द्वारा मानक के अनुरूप क्लोरीनेशन कर गंगाजल की आपूर्ति दी जा रही है। जिन क्षेत्रों में गंगाजल की आपूर्ति हो रही है, वहां लोगों का कहना है कि गंगाजल में क्लोरीन अधिक होने के कारण महक आती है। अत: हम तो नलकूप से आने वाले पानी को पी रहे हैं। जलनिगम द्वारा बुधवार को सुहाग नगर, हिमायूंपुर, रामनगर, संतनगर में दस स्थानों पर क्लोरीन की जांच कराई गई, जिसमें मानक के अनुरूप क्लोरीन मिली। जलनिगम एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि गंगाजल में मानक के अनुरूप क्लोरीन मिलाई जा रही है, जो स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह अनुकूल है।

Posted By: Jagran

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