टूंडला,(फीरोजाबाद) संवाद सहयोगी।अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा बुधवार को आगरा रोड स्थित बैकुंठ धाम में संस्कार कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पांच कुंडीय यज्ञ कर लोगों को संस्कारों के बारे में जानकारी दी गई।

शीला धाकरे ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपना जन्मदिन अवश्य मनाना चाहिए और इस दिन बुराई का त्याग कर अच्छाई को धारण करना चाहिए। ईश्वर की कृपा हमें सद्गुणों से प्राप्त होती है। नीता गौड़ ने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान दिव्यता, सदगुण, सदाचरण और कर्तव्यपरायणता है। पाश्चात्य संस्कृति में केक काटने के लिए चाकू हाथ में दिया जाता है, जबकि भारतीय संस्कृति में दीप जलाये जाते हैं। जलते हुए दीप ज्ञान का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार अक्टूबर माह में नगर के सभी विद्यालय और महाविद्यालयों में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित कराएगा। इस मौके पर गंगा देवी, रजनी सक्सेना, कामिनी सक्सेना, कृष्णा चौहान, मोहन सिंह, मुरली, मनोज सिंह बघेल, प्रमोद बघेल, सोनू शास्त्री, शैलेन्द्र सिंह सिसौदिया, शिवराज सिंह एवं दलबीर सिंह, मनोहर सिंह आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस