लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसे में इटावा के DFO की मौत, स्कॉर्पियो चालक के खिलाफ मुकदमा
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में इटावा के जिला वन अधिकारी (डीएफओ) विकास नायक और उनके चालक की ...और पढ़ें

इटावा के डीएफओ विकास नायक। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। लखनऊ एक्सप्रेसवे पर नगला खंगर क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में निजी कार सवार जिला वन अधिकारी (डीएफओ) और उनके तलाश की मृत्यु हो गई थी। हादसे में दूसरी कार सवार दंपती सहित तीन लोग घायल हो गए थे। डीएफओ के साले ने अज्ञात स्कार्पियो चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। चालक पर लापरवाही ने गाड़ी चलाने का आरोप लगाया है।
पूर्व में फिरोजाबाद में तैनात रहे और वर्तमान में इटावा में तैनात डीएफओ 36 वर्षीय विकास नायक निवासी गांव मंगलपुरा, थाना लाडनू डिडवाना कुचावन राजस्थान निजी कार से चालक देवांश निवासी रघुनाथपुर पतारा कानपुर व कानपुर में तैनात महिला रेंजर उपासना सिंह की मां किशवती निवासी वसुंधरा गाजियाबाद के साथ लखनऊ से आगरा की ओर जा रहे थे।
नगला खंगर क्षेत्र में माइल स्टोन 69.80 के पास मंगलवार सुबह 10.45 बजे डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन पर आइ आगरा से लखनऊ जा रही स्कार्पियो कार टकरा गई थी। हादसे में हादसे में विकास नायक व उनके चालक की मृत्यु हो गई थी।
वहीं किशवती के अलावा दूसरी कार में सवार 61 वर्षीय डेविड ब्रेन डिसूजा व उनकी पत्नी ममता डिसूजा निवासी राजारहाट उत्तर कोलकाता पश्चिम बंगाल घायल हो गए थे। बुधवार सुबह नगला खंगर थाने में डीएफओ के साले राकेश नायक निवासी बावरी बस्ती सुजानगण, चूरू राज्य राजस्थान ने स्कार्पियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मुकदमे में उन्होंने चालक का जिक्र नहीं किया है। सीओ सिरसागंज चंचल त्यागी ने बताया तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है।
तकनीकी टीम कर सकती है मुआयना
हादसे में डीएफओ और उनके चालक की मृत्यु होने के कारण पुलिस मामले की जांच गंभीरता से कर रही है। हादसे का सही और वैज्ञानिक कारण जानने के लिए तकनीकी टीम जांच करेगी। थाना पुलिस के अनुसार गुरुवार को तकनीकी टीम पुलिस लाइन से आकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों का मुआयना कर सकती है।
फिरोजाबाद कार्यालय में रहा शोक का माहौल
डीएफओ विकास नायक जून 2022 से 30 जून 2025 तक तीन साल फिरोजाबाद में तैनात रहे थे। उनकी मृत्यु की जानकारी होते ही स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई चले गए थे। हादसे को लेकर बुधवार को भी स्थानीय कार्यालय शोक में डूबा रहा। यहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी हादसे को लेकर चर्चा करते हुए दिखे।
