संवाद सूत्र, औंग : गोपालगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बड़ाहार गांव में फैली बीमारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को इससे पीड़ित एक युवक की मौत हो गई। जबकि वृद्ध की हालात गंभीर होने से ग्रामीणों में दहशत है। तीसरे दिन फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर सामान्य रोगियों को दवाएं दी और गंभीर आठ बीमारों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालगंज में भर्ती कराया।

बड़ाहार गांव में गुरुवार से संक्रामक बीमारी फैली है। उल्टी व दस्त से गांव में बच्चे, महिलाएं व वृद्ध परेशान हैं। गांव में प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच रही है, इसके बाद भी हालात सुधर नहीं रहे हैं। इस कारण बीमारों को प्राइवेट अस्पताल ले जाना पड़ा रहा है। शनिवार रात गांव के 40 वर्षीय मौजी लाल की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। जहां से इलाज के बाद रात में युवक घर आ गया। रविवार को फिर अचानक सुबह हालत बिगड़ने लगी। परिजन अस्पताल ले जाने का इंतजाम कर रही रहे थे युवक की मौत हो गई। इसके अलावा गांव से शनिवार को पीएचसी गोपालगंज ले जाए गए 18 वर्षीय खुशबू पुत्री सीताराम, 45 वर्षीय शकुंतला पत्नी हरि शंकर, 65 वर्षीय लक्ष्मन व उनकी 60 वर्षीय गंगादेई, 9 वर्षीय गोल्डी पुत्री राज, 10 वर्षीय शनि पुत्र राम कुमार भर्ती हैं। इसमें लक्ष्मन की हालत खराब होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया है। रविवार को भी गांव में एक वर्षीय शिवांश पुत्र विजय शंकर पासवान व 28 वर्षीय नीरजा देवी पत्नी नरेश कुमार को भी पीएचसी गोपालगंज गंभीर हालत में एंबुलेंस से भेजा गया है। उधर गांव स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचे पीएचसी गोपालगंज के चिकित्साधीक्षक डॉ. विपुल शुक्ला ने बताया 11 मरीजों को गांव में दवाएं दी गई हैं।

गांव में दी जा रही दवाएं बेअसर

बीमारी से जूझ रहे बड़ाहार गांव के हरि शंकर, सीताराम ने बताया गांव में कैंप पर जो दवाएं बीमारों की दी जा रही हैं। उनका कोई असर नहीं हो रहा है। इस कारण मजबूरी में बाहर से दवाएं बीमारों को लेनी पड़ रही हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग कुछ ध्यान ही नहीं दे रहा है।

Posted By: Jagran

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