संवाद सहयोगी, खागा : चौबीस घंटे के भीतर यमुना नदी के जल स्तर में डेढ़ मीटर की कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली। नदी किनारे खेतों में बोई फसलों से पानी तो कम हुआ लेकिन किसानों का भारी नुकसान हो गया। महावतपुर असहट-किशुनपुर संपर्क मार्ग में नाव हटा ली गई।

यमुना नदी में उफान से तटवर्ती गांवों में खलबली मच गई थी। यमुना नदी में गिरने वाले नालों के जरिए नदी का पानी आबादी के बाहर तक पहुंच गया था। मंगलवार शाम से यमुना नदी का जल स्तर खिसकने लगा। किशुनपुर कस्बा से सटे दमहा नाले में बने पिलर से लोग जल स्तर का अंदाजा लगा रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना था चौबीस घंटे में डेढ़ मीटर जल स्तर खिसका है। किशुनपुर कस्बा से महावतपुर असहट गांव जाने वाले पक्के रास्ते से नाव हटा ली गई। बुधवार सुबह से ग्रामीण पैदल ही पानी में घुसकर आवागमन कर रहे हैं। धाता ब्लाक के मखउवा-तुलसीपुर गांव के मध्य सैकड़ों बीघे अरहर, बाजरा, ज्वार की फसलें यमुना के पानी में डूब गई थी। खेतों से पानी खिसकने से किसानों ने राहत की सांस ली। चंद्रभूषण मिश्र, रामसूरत, छोटेलाल, बोधीलाल, जगतनारायण, इंद्रपाल आदि किसानों ने बताया कि यदि कुछ दिन और खेतों में पानी भरा रह जाता तो फसलें नष्ट हो जाती। प्रशासनिक अफसरों ने जल स्तर में निगरानी रखने के लिए राजस्व टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

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