जागरण संवाददाता, फतेहपुर : जिले की बिजली लाइनें बदहाल हैं और विभाग बकाएदार उपभोक्ताओं पर वसूली का दबाव बनाए हुए है। स्थिति यह है कि किस समय कहां की बिजली लाइन टूटकर खतरा बन जाए इसका भरोसा नहीं है। 48 उपकेंद्र बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं और इन पर बिजली का भार ढाई गुना बढ़ गया है। इसलिए बिजली की आपूर्ति उपकेंद्रों से ट्रिप कर जाती है जिससे घोषित रोस्टर के मुताबिक भी बिजली लोगों को नहीं मिल पाती है। विभाग ने जर्जर तारों व तेल रिसाव कर रहे ट्रांसफार्मर के लिए के लिए 40 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की है, लेकिन अभी तक धन अवमुक्त नही किया है।

शहर में 65 हजार उपभोक्ता हैं और 3 लाख 05 हजार कस्बा व गांवों में है। इसमें 2.05 लाख कनेक्शनधारक सौभाग्य योजना के शामिल है। बिजली की आपूर्ति 48 विद्युत उपकेंद्र से की जाती है और 5 उपकेंद्रों का निर्माण हो रहा है, लेकिन इनकी गति इतनी धीमी है कि इनका निर्माण अभी छह माह नहीं हो पाएगा।

- बिजली लाइनें तभी दुरुस्त हो पाएंगी जब बकाएदार उपभोक्ता अपना बकाया बिल जमा कर देंगे, क्योंकि इन पर विभाग का बकाए में 90 करोड़ रुपया से ज्यादा धन फंसा है और बकाएदार इसकी अदायगी नहीं कर रहे है। वैसे बकाया अदायगी के लिए विभागीय स्तर पर टीमें चलाई जा रही है, विजिलेंस टीम भी लगी है।

- आनंद प्रकाश, एसई विद्युत - उपकेंद्रों में 3200 संविदा कर्मी तैनात है, विभागीय अधिकारी इन्हें सुरक्षा के उपकरण नहीं दिलाया पा रहे। इससे कर्मी आंदोलित हैं और ये किसी भी दिन आंदोलन की राह पकड़ सकते है। विभाग ने अभी तक सेफ्टी बेल्ट, प्लास्टिक हत्था, सीढी तक नहीं उपलब्ध कराई है। आए दिन संविदा कर्मी हादसों के शिकार होते रहते हैं। - एके कश्यप, अध्यक्ष, विद्युत संविदा संघ

Posted By: Jagran

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