संवाद सूत्र, अमौली (फतेहपुर) : चांदपुर थाने के आजमपुर गड़वा गांव में कच्ची कोठरी ढह जाने से घर में मौजूद युवती मलबे में दबकर घायल हो गई। इसकी कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।

आजमपुर गड़वा निवासी सावित्री देवी पांच पुत्रियों व दो पुत्रों के साथ कच्चे मकान में रहती है। गुरुवार को सावित्री घर से चार पुत्रियों श्रीकांती, ऋचा, रीना व रूबी के साथ खेतों में काम करने चली गई। दो पुत्र अमन व अंकित घर के बाहर खेलने के लिए निकल गए। 18 वर्षीय प्रियंका अकेली घरेलू काम कर रही थी। मध्यान्ह करीब 12 बजे जैसे ही वह कोठरी में पहुंची, कोठरी ढह जाने से वह मलबे में दब गई। कोठरी ढहने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और मलबे में दबी प्रियंका को बाहर निकला। ग्राम प्रधान आशीष कुमार पटेल ने आर्थिक मदद देकर स्वजन के साथ घायल प्रियका को इलाज के लिए कानपुर भिजवाया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय परशुराम उमराव महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।

दो वर्ष पूर्व पिता की हुई थी मौत

छात्रा के पिता सुरेश कुमार की दो वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। इस पर पूरा परिवार आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है। सुरेश की पत्नी बेटियों के साथ गांव में ही खेतों पर मेहनत मजदूरी कर भरण पोषण कर रही है। परिवार के पास एक भी बिस्वा जमीन नहीं है।

मिल चुकी है आवास की पहली किस्त

सावित्री देवी को प्रधानमंत्री आवास मिल चुका है जिसकी पहली किस्त माह जुलाई में मिल गई थी। इससे आवास का फाउंडेशन बन चुका है। अब आग भवन निर्माण के लिए दूसरी किस्त का इंतजार है। प्रधान ने बताया कि परिवार के पास राशन कार्ड भी है।

हादसे की हो रही है जांच

कोठरी गिरने से प्रियंका की हुई मौत को दैवी आपदा माना जाएगा या नहीं, प्रशासन इसकी जांच करा रहा है। एसडीएम अवधेश कुमार निगम ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आर्थिक मदद देने पर विचार किया जाएगा।

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