जागरण संवाददाता, फतेहपुर: रेल बाजार रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु ¨सह सभा में 414वां श्री गुरूग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश पर्व मनाया गया। शबद-कीर्तन में महिला, पुरुष व बच्चों ने भाग लिया। ज्ञानी गुरुवचन ¨सह ने बताया कि धर्म ग्रंथ के बिना धर्म का होना संभव ही नहीं है। धर्म ग्रंथ ही अपने पैगंबर, गुरुओं, पीरों की ओर दिए हुए सिद्धांतों के साथ अपने पैरोकार को धर्म से जोड़ने का सही जीवन प्रदान करते हैं। गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ के बाद कीर्तन, शबद का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद अंत में विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी धर्मों के अनुयायियों ने संगत-पंगत की। सरदार संतोष ¨सह, दर्शन ¨सह बग्गा, प¨पदर ¨सह, रा¨जदर ¨सह, सरदार सेठी, चानण ¨सह, जितेंदर पाल ¨सह, संतोष तिवारी, हरजीत कौर, जगजीत कौर, मंजीत कौर, सतनाम कौर, कविता रस्तोगी, राजेंद्र प्रसाद साहू, हरप्रीत ¨सह बग्गा, अशोक तपस्वी आदि रहे।

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