जागरण संवाददाता, फतेहपुर : रेलवे लाइन की दक्षिण दिशा की सवा लाख की आबादी लंबे समय विकास को लिए तरस रही है। साउथ सिटी के पुराने मुहल्ले जो कभी शहर की शान हुआ करते थे उपेक्षा के चलते वहां के लोग सड़क, गंदगी व पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। हर माह पालिका को टैक्स देने के बाद भी इलाके को शहरी मुखौटा आखिर क्यों नहीं मिल रहा है। चकाचक सड़कें, पार्क, दूधिया रोशनी, यातायात, सुंदर चौराहे जैसी सुविधाओं से कोसो दूर साउथ सिटी के बीस से अधिक मुहल्ले पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर देख रहा है। लोकसभा, विधानसभा के साथ नगर निकाय के चुनावों में पूरे जोश और उल्लास के साथ मताधिकार का प्रयोग कर इलाके के लोग विकास की उम्मीदों में गोते लगाते है, जीतने के बाद जिस तरह से जिम्मेदार मुंह फेर रहे है उससे क्षेत्रीय लोगों में रोष है। जनता के भरोसे के साथ इस तरह का छलावा समूची व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगा रहा है। जनता के इस इलाके की आबादी को अपने हाल पर जीने का छोड़ दिया है, तभी तो लगातार आवाज उठाने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है।

साउथ सिटी में शामिल मुहल्ले

देवीगंज, भिखारीपुर, गंगानगर कालोनी, अशोक नगर, राधानगर, अंदौली, जयरामनगर, पुलिस लाइन, कुल्फी नगर, खुशवक्तराय नगर, खंभापुर, रघुवंशपुरम, तपस्वीनगर, बीबीपुर, बक्सपुर, सैदाबाग, इसाइनपुरवा, विष्णुपुरी कालोनी, नई बस्ती, आंबेडकर नगर, विनोवा नगर, मऊ, लोटहा, मधुपुरी, हरगनपुर एसएमएस कालोनी, स्टार सिटी आदि।

ये हैं प्रमुख समस्याएं

- पक्के कूड़ाघर न होने से सड़क की पटरियों में डंप रहता कूड़ा।

- अधूरा नाला निर्माण होने से गलियों में भरा रहता गंदा पानी।

- देवीगंज रेलवे ओवरब्रिज की साइड रोड पूरी तरह से ध्वस्त।

- राधानगर, गंगानगर तिराहा, जयरामनगर तिराहा व चौराहा बदहाल।

- सफाई व्यवस्था पंगु होने से मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक गंदगी।

- सवा लाख की आबादी में एक अदद पार्क न होने से नहीं मिलता सुकून।

- पालिका से जुड़े गांवों व नई आबादी में पाइप लाइन न होने से पेयजल समस्या।

टैक्स देने के बाद भी सुविधाएं नदारद

साउथ सिटी की बराबर उपेक्षा की जा रही है, यही कारण है कि इस हिस्से को शहरी मुखौटा नहीं मिल पाया है। सुविधाएं न मिलने पर जिम्मेदारों को जवाब देना होगा।

पुत्तन बाजपेई, देवीगंज

नगर पालिका, प्रशासन और जनप्रतिनिधि सभी साउथ सिटी की उपेक्षा कर रहे हैं। टैक्स अदा करने के बाद भी सुविधाओं में कटौती अधिकारों का हनन है।

सुघर सिंह एडवोकेट, मिलाप कोठी देवीगंज, राधानगर और अशोक नगर जैसे मुहल्ले पहले कभी शहर की शान हुआ करते थे, लगातार उपेक्षा से इन मुहल्लों में रहने वाले लोग परेशान है। जनता विकास की ओर टकटकी लगाए हैं।

महेंद्र शुक्ल, अशोक नगर

साउथ सिटी के मुहल्लों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है, पुराना कचहरी मार्ग कई साल से बदहाल पड़ा है, इस मार्ग में कई इंटर कालेज आदि होने से निकलने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

लवकुश गुप्त, रेलबाजार रोड

Edited By: Jagran