विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी में गैस की तर्ज पर घर बैठे बुक कर सकेंगे खाद, 24 घंटे में होगी होम डिलीवरी

Published: Thu, 10 Sep 2026 07:19 PM (IST)

यूपी के फतेहपुर में अब गैस सिलेंडर की तर्ज पर यूरिया और डीएपी खाद की ऑनलाइन बुकिंग हो सकेगी, जिसकी होम डिलीवरी 24 घंटे के भीतर होगी।

गैस की तर्ज पर घर बैठे बुक होगी खाद।

गैस की तर्ज पर घर बैठे बुक होगी खाद।

HighLights

  1. गैस सिलेंडर की तर्ज पर यूरिया डीएपी खाद की ऑनलाइन बुकिंग।

  2. FFC ऐप से 24 घंटे में खाद की होम डिलीवरी मिलेगी किसानों को।

  3. आधार और फार्मर रजिस्ट्री से खाद की लिमिट तय होगी।

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। जैसे आप घर बैठे गैस सिलिंडर मोबाइल से बुक करते हैं, और डीएसपी नंबर जनरेट होने पर आपको अगले कुछ घंटे में सिलिंडर मिल जाता है, अब उसी तर्ज पर यूरिया और डीएपी की बोरी के लिए ऑनलाइन बुकिंग होगी। बुकिंग के 24 घंटे भीतर आपके द्वारा बुक की गई खाद आपके दुकान या सहकारी समिति से मिल जाएगी।

खरीदी गई खाद का पैसा आप बुकिंग के दौरान ऑनलाइन या फिर खाद मिलने पर नकद भी दे सकेंगे। बिक्री के लिए तैयार किये गये ऑनलाइन प्लेटफार्म को जनजन तक सरलीकरण के जरिए पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने जिले में 26 मास्टर ट्रेनरों को ट्रेनिंग दी है।

जनपद में पांच लाख किसान है, जिनके नाम जमीनें हैं। हर वर्ष किसान मुख्य रूप से रबी, खरीफ व जायद फसलों के लिए डीएपी और यूरिया खाद की उठान करता है।

दुकानों में खाद नकली होने की आशंका पर अधिकांश किसान सहकारी समिति से ही खाद उठाता है। ऑनलाइन खाद बिक्री के लिए अब सभी खाद की दुकानों और समितियों की एफएफसी एप में मैप किया गया है। अगले सत्र से इसी एप में खाद की बुकिंग करने पर खाद मिलेगी।

जब भी किसान खाद के लिए बुकिंग करेंगे एक मिनट में एक बार कोड जनरेट होगा। इसी बारकोड को दिखाने पर आपको अपनी समिति से खाद की बोरी मिल जाएगी।

आधार कार्ड व फार्मर रजिस्ट्री से तय होगी लिमिट

ऑनलाइन खाद बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसमें आधार कार्ड से किसान की पहचान होगी और फार्मर रजिस्ट्री युक्त किसान से उसकी लिमिट तय होगी। इसलिए हर किसान को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। अच्छी बात यह है कि जिले में 95 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। ऐसे में हर किसान को इसका फायदा घर बैठे मिलेगा।

फार्मर रजिस्ट्री में सभी गाटे शामिल होने पर फायदा

वर्तमान में 95 प्रतिशत किसानों ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा ली है, यह अच्छी बात है। लेकिन इन 95 प्रतिशत किसानों में ऐसे किसान भी है जिनकी फार्मर रजिस्ट्री तो है, लेकिन संपूर्ण गाटे लिंक नहीं है। ऐसे किसानों को नुकसान है, चूंकि जितनी जमीन लिंक है उतनी ही खाद की लिमिट बनेगी। ऐसे में अगर किसी की फार्मर रजिस्ट्री में गाटे छूटे हैं, तो पहले पुन: ऑनलाइन करा कर छूटे गाटे शामिल कराने पर ज्यादा फायदा होगा।

प्रक्रिया को जानें और समझें

गूगल प्ले स्टोर से एफएफसी एप डाउनलोड करना होगा। इस एप नाम और आधार नंबर डालने पर लोकेशन चुननी पड़ेगी। लोकेशन चुनते ही आपके क्षेत्र की उर्वरक दुकानें और समितियां दिखेगी। जहां से खाद लेना है उसी दुकान या समिति में क्लिक करने पर स्टाक नजर आएगा। स्टाक में क्लिक करते हुए आपकी जमीन अनुसार आपका कुल कोटा दिखाई देगा। अपनी जरूरतनुसार खाद की बोरियों की संख्या भरेंगे। आपका बार कोड जनरेट होगा और संबंधित दुकान व समिति में दिखाने पर खाद आपको मिल जाएगी।

खरीफ सीजन बीत रहा है, अगले रबी सीजन से हम ऑनलाइन बुकिंग के जरिए खाद वितरण करेंगे। इसके लिए अफसरों को भारत सरकार की तरफ से ट्रेनिंग दी गयी है। अब हम कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे और ब्लाक-ब्लाक प्रशिक्षण शिविर लगाकर किसानों को भी प्रशिक्षित करेंगे। -नरोत्तम सिंह, जिला कृषि अधिकारी।

वर्ष में खाद की खपत का विवरण

खाद मात्रा
यूरिया 112 टन
डीएपी 31690 टन
एनपीके 8500 टन
पोटाश 4260 टन
सुपरफास्फेट 4500 टन

नोट- यह लक्ष्य वार्षिक है, लेकिन आवंटन 20 प्रतिशत अधिक होता है। और वितरण भी लगभग शतप्रतिशत हो जाता है।

यह भी पढ़ें- आईजीआरएस रैंकिंग में औरैया का उत्कृष्ट प्रदर्शन, यूपी में टॉप-10 और मंडल में पाया पहला स्थान