फतेहपुर ब्लास्ट: धमाके ने छीन लिए पूजा के दोनों चिराग, दो साल पहले सांप डसने से पति की गई थी जान
पति की मृत्यु के बाद बच्चों को खोने वाली पूजा देवी मलवां विस्फोट में अपने दोनों बेटों को गंवाकर टूट गई हैं।

फतेहपुर सिलिंडर ब्लास्ट।
HighLights
पूजा देवी ने मलवां विस्फोट में अपने दोनों बेटे खो दिए।
दो साल पहले पति की सर्पदंश से हुई थी मृत्यु।
बच्चों की मौत से मां का जीवन से विश्वास उठा।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। जीवन और मृत्यु नियति के हाथ में है, फिर भी कभी-कभी कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो आम से खास तक को झकझोर देती है।
48 साल की पूजा ने मलवां विस्फोट में अपने दोनों बच्चे गंवा दिए है। दो साल पहले पति की सर्पदंश से मृत्यु ने उसे तोड़ दिया था, लेकिन तब बच्चे सहारा बने और पति का गम भुलाकर वह बच्चों के भविष्य को संवारने में जुट गयी। अब विस्फोट ने बेटे अर्पित और वेद के रूप में चिराग को बुझा दिया है।
दो साल पहले सर्पदंश से पति रोहित गुप्ता की मौत के बाद पूजा देवी ने बच्चों की परवरिश पर ध्यान केंद्रित कर दिया था। अब बच्चों की मौत होने पर वह अपने घायल होने का दर्द भूलकर बदहवास हालत में बार-बार चिल्ला उठती है- हे भगवान मुझे उठा लेते, मेरे बच्चों पर रहम कर देते।
बुदबुदाते हुए वह यही कहती है कि अब जीवन का अर्थ नहीं ईश्वर अगर है तो उसे भी उठा ले। पूजा की जेठानी उमा देवी बार बार उसे ढांढस बंधाती है, लेकिन कुछ क्षण शांत होने के बाद वह फिर चीख उठती है। पूजा अपने जेठ सुरेश गुप्ता के साथ ही एक ही परिवार में रहती थी।
दो बेटों की मौत से अब बेहाल है, हालत बिगड़ने पर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। बता दें कि मलवां कस्बा निवासी सुरेश गुप्ता चार भाई थे जिसमें बड़े भाई सोहनलाल की मौत पहले हो गयी थी, दो साल पहले रोहित गुप्ता की सांप काटने से मौत हो गई। जबकि इनके भाई पन्न लाल की भी मौत पहले ही हो चुकी है। ऐसे में पूरे परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
