जागरण संवाददाता, फतेहपुर: स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय बनाने के लिए मिलने वाला 12 हजार का अनुदान उन लोगों के लिए नहीं है, जिनके पास चार पक्के कमरे वाला मकान, शस्त्र लाइसेंस, वाहन, एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन है। अगर उक्त लाभों के बाद भी किसी ने तथ्य छिपाकर लाभ लिया है तो उनके दूसरे लाभ छीनें जाएंगे। डीएम कुमार प्रशांत ने ऐसे लोगों को स्वयं के धन से शौचालय बनवाने और लाभ न दिए जाने जाने के निर्देश जारी किए है। डीएम ने कहा कि अगर शौचालय लाभार्थी सूची से ऐसे लोगों का नाम नहीं हटाया गया तो इसके लिए पंचायत सचिव को कार्रवाई की परिधि में लिया जाएगा।

पंचायत राज विभाग को जारी निर्देश पत्र में डीएम कुमार प्रशांत ने कहा कि गांव स्तर पर लेखपाल, पंचायत सचिव, सफाई कर्मचारी, रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी एएनएम अपने घर में स्वयं से शौचालय का निर्माण कराकर इसका प्रमाण पत्र अपने विभागाध्यक्ष को सौंपे। हर ब्लाक में एडीओ पंचायत 10-10 ग्राम पंचायतें और सचिव एक एक ग्राम सभा को एक माह के अंदर ओडीएफ कराए। लक्ष्य पूरा न करने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने प्रतिदिन आठ सौ शौचालय बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 85 शौचालय प्रतिदिन बनाने की रफ्तार पर भी नाराजगी जताई। विभाग को जिम्मेदारी देकर कहा कि ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार की जाए जिन्होंने तथ्य छिपाकर शौचालय का लाभ लिया है। जबकि वह अन्य तरह के लाभ से पहले से ही लाभान्वित है।

स्वयं से शौचालय बनाने वाले होंगे सम्मानित

जिला पंचायत राज अधिकारी अजय आनंद सरोज ने बताया कि हम गांव गांव स्वच्छ भार मिशन के लिए आम लोगों को जागरूक कर रहे है। ताकि लोग जिस तरह जरूरत के अन्य काम अपनी प्रतिष्ठा बनाकर काम पूरा कर लेते हैं। उसी प्रकार शौचालय को भी वह अपने पैसे से बनाए। खुद के पैसे से शौचालय बनाने वालों को हम सम्मानित भी करेंगे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप