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18 साल बाद 'सिमरन' बनीं स्मिता, 3 बच्चों के साथ सनातन धर्म में की वापसी, सुनाई पति के जुल्म की दास्तान

By Ravindra pratap singhEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Thu, 22 Oct 2026 11:45 PM (GMT+05:30)

फतेहपुर में 18 साल पहले सिमरन बनीं एक महिला ने पति की प्रताड़ना से तंग आकर अपने तीन बच्चों के ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 18 साल बाद सिमरन ने सनातन धर्म में वापसी की।

  2. पति की प्रताड़ना से तंग आकर लिया यह फैसला।

  3. तीन बच्चों संग स्मिता कुशवाहा बनीं, घर वापसी हुई।

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। 18 साल पहले प्रेमजाल में फंसकर वह सिमरन बनीं और प्रेमी नसीम के साथ मुंबई जाकर निकाह कर लिया। इसके बाद नसीम की बेजा हरकतों से आजिज आकर सिमरन अब फिर स्मिता बन गई हैं। उन्होंने गुरुवार को स्वेच्छा से अपने दो पुत्रों व एक पुत्री के साथ सनातन धर्म में वापसी कर ली।

बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद व गायत्री परिवार के सदस्यों ने मंत्रोच्चारण के साथ उनकी घर वापसी कराई। जहानाबाद निवासी नसीम ने जब महिला से निकाह किया था, तब स्मिता 17 वर्ष की थीं। कुछ दिन मुंबई में साथ रहने के बाद दोनों कस्बे में ही सुनराही गली में रहने लगे। उनके दो पुत्र अरशद अली, मुर्शीद अली व एक पुत्री कैटरीन पैदा हुए।

आरोप है कि कुछ दिन सब ठीक चला, लेकिन आए दिन पति उन्हें प्रताड़ित करने लगा। इस बीच मुंबई आते-जाते नसीम ने वहां एक और विवाह कर लिया। सिमरन का आरोप है कि पति ने उन्हें गोमांस खाने तक के लिए मजबूर कर दिया था।

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उन्होंने अपनी पीड़ा विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारियों को बताई तो गुरुवार को गायत्री परिवार, बजरंग दल व विहिप के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में सिमरन ने विधि-विधान से सनातन धर्म में वापसी कर ली।

आचार्यों ने उनका नया नाम स्मिता कुशवाहा रखा, जबकि बेटे अरशद को कार्तिक कुशवाहा, मुर्शीद को यश कुशवाहा और बेटी कैटरीन को अवनी कुशवाहा नाम दिया गया।