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नियति का यह कैसा खेल... दो बच्चों की मौत के बाद बुझ गया अंतिम चिराग, एक जैसे दर्द ने ली तीनों की जान

Published: Thu, 24 Sep 2026 06:07 AM (IST)

फतेहपुर में एक ही परिवार के तीन बच्चों की तीन माह के भीतर रहस्यमय तरीके से मौत हो गई, सभी ...और पढ़ें

आशीष, मोहिनी और प्रिया की फाइल फोटो। स्वजन

आशीष, मोहिनी और प्रिया की फाइल फोटो। स्वजन

HighLights

  1. तीन माह में एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत।

  2. सभी बच्चों की मौत का कारण पेट दर्द से शुरू हुआ।

  3. प्रशासन ने रहस्यमय मौतों की जांच के आदेश दिए।

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। नियति का यह कैसा खेल, पहले ढाई साल की बेटी मोहिनी, इसके बाद इकलौते बेटे आशीष की बीमारी से मौत के बाद परिवार टूट चुका था। मंगलवार रात बड़ी बेटी प्रिया के पेट में दर्द हुआ, स्वजन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जिसे चिकित्सक बचा नहीं पाए। तीसरी बेटी की मौत किस बीमारी से हुई, इसका पता नहीं चल सका। मां मालती, पिता रामनरेश के लिए तो पूरी दुनिया उजड़ गई। वह कहते हैं कि तीन माह में सब कुछ बर्बाद हो गया।

हथगाम क्षेत्र के सिठौरा गांव निवासी रामनरेश और मालती के तीन बच्चे थे। बड़ी बेटी प्रिया, ढाई वर्षीय मोहनी और सात वर्षीय इकलौता बेटा आशीष। 21 जून को मोहनी के पेट में दर्द हुआ। स्वजन उसे लेकर हथगाम सीएचसी पहुंचे। माता-पिता को उम्मीद थी कि उपचार के बाद मासूम ठीक होकर घर लौट आएगी, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 15 सितंबर को सात वर्षीय आशीष के पेट में तेज दर्द हुआ। घबराए स्वजन उसे हथगाम सीएचसी लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार बेटे को बचाने की उम्मीद में अस्पताल लेकर निकला, लेकिन रास्ते में ही आशीष ने दम तोड़ दिया। जिस इकलौते बेटे को माता-पिता अपने बुढ़ापे का सहारा मान रहे थे, वह भी हमेशा के लिए चला गया।

दो बच्चों की मौत के बाद बड़ी बेटी प्रिया ही माता-पिता के लिए आखिरी उम्मीद थी। मंगलवार शाम प्रिया के पेट में भीषण दर्द हुआ। पिता उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार एक बार फिर उसी उम्मीद के साथ अस्पताल पहुंचा कि इस बार बेटी बच जाएगी। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन रात में प्रिया ने भी दम तोड़ दिया। तीन महीने में तीन बच्चों की मौत से परिवार का संसार उजड़ गया।

तीन मौतें, एक जैसा दर्द

मोहनी, आशीष और प्रिया...तीनों की तबीयत पेट दर्द से बिगड़ी और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। एक जैसे लक्षणों के बाद तीन बच्चों की मौत ने ग्रामीणों और चिकित्सकों को भी हैरान कर दिया है। आखिर पेट दर्द के बाद तीनों की जान क्यों गई, यह सवाल सभी को परेशान कर रहा है।


एक परिवार के तीन बच्चों की मौत होना दुखद है। प्रकरण की जांच कराने के लिए विशेषज्ञों की टीम सिठौरा गांव भेजेंगे, ताकि बीमारी के रहस्य से पर्दा उठाया जा सके। बच्चों के खान-पान की भी जांच कराई जाएगी।
- डा. यूबी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी


पीड़ित परिवार को यदि किसी पर खिलाने-पिलाने की आशंका है तो वह तहरीर भेजें। पूरे घटनाक्रम के एक-एक बिंदु की गहनता से जांच कराई जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक

 

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