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फतेहपुर में पुरानी मांगें पूरी न होने पर फिर विरोध पर उतरे जेन अल्फा, तीन घंटे तक हुई नारेबाजी

Published: Tue, 29 Sep 2026 03:46 AM (IST)

किशुनपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में जेन अल्फा छात्रों ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर फिर से प्रदर्शन किया, जिसमें ...और पढ़ें

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HighLights

  1. जेन अल्फा छात्रों ने पुरानी मांगों को लेकर फिर से प्रदर्शन किया।

  2. जर्जर भवन मरम्मत, विज्ञान वर्ग मान्यता जैसी प्रमुख मांगें उठाईं।

  3. अधिकारियों के आश्वासन पर दोपहर में छात्रों का आंदोलन समाप्त हुआ।

संवाद सूत्र, किशुनपुर। सर्वोदय इंटर कॉलेज में ठीक दो माह बाद जेन अल्फा ने सोमवार को पुरानी मांगें पूरी न होने का आरोप लगाते हुए पुन: गेट के बाहर बैठकर नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पूर्व 28 जुलाई को छात्रों का एक बड़ा समूह सुविधाओं की बहाली के लिए प्रदर्शन कर चुका है। जिसके 24 घंटे में ही प्रशासन ने कई दिक्कतों को ठीक किया था।

इंटर कक्षा के छात्र अंकुर ने पुन: आंदोलन का नेतृत्व करते हुए पुरानी मांगें न पूरी किए जाने का आरोप लगाते हुए अन्य छात्रों को आंदोलन में सहभागी बनने का आह्वान किया। हालांकि इस बार 50-60 को छोड़कर अन्य छात्र अपनी कक्षाओं में पढ़ाई करते रहे। दोपहर 12 बजे सभी बच्चों की छुट्टी हाेने के साथ ही सुबह नौ बजे से धरना-प्रदर्शन पर बैठे छात्र भी आंदोलन समाप्त करके घर चले गए।

कालेज के गेट पर छात्रों द्वारा प्रदर्शन किए जाने की सूचना सुबह नौ बजे जैसे ही जिला व तहसील प्रशासन के अधिकारियों को मिली। मौके पर पुलिस बल भेजने के साथ में अधिकारी पहुंचने लगे। पूर्व आंदोलन से इस बार की तस्वीर अलग रही। अधिकांश छात्र-छात्राएं कक्षाओं के अंदर सुबह आठ बजे तक जा चुके थे। तमाम आह्वान करने के बाद भी जब कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे छात्र बाहर नहीं निकले तो 50-60 छात्रों का समूह अंकुर के नेतृत्व में गेट के बाहर बैठकर नारेबाजी करने लगा।

थानाध्यक्ष मनीष सिंह, थानाध्यक्ष खखरेड़ू सत्यपाल सिंह व खागा कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने आंदोलनकारी छात्रों को समझाने का प्रयास किया, हालांकि वह उठने के लिए तैयार नहीं हुए। सुबह साढ़े नौ बजे जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार छात्रों से मिले। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि जिन समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकता था, वह किया जा चुका है। अन्य समस्याओं का समाधान भी शीघ्र निकाला जाएगा। आश्वस्त किया कि जल्दी ही कालेज प्रबंधन की बैठक के बाद छात्रों की संभव मांगों को लेकर वार्ता की जाएगी।

उपजिलाधिकारी अश्वनी पांडेय तथा क्षेत्राधिकारी रवि प्रकाश सिंह ने कालेज पहुंच कर छात्रों की मांगों के संबंध में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दोपहर 12 बजे छात्रों ने अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त कर दिया।

छात्रों की यह रही मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को एक मांग पत्र दिया। जिसमें उन्होंने विद्यालय के जर्जर भवनों की मरम्मत या फिर नए कक्षों का निर्माण कराए जाने, खेल गतिविधियां शुरू कराने, इंटर तक कालेज को विज्ञान वर्ग की मान्यता दिलाने, स्थानांतरण प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति व अन्य अभिलेख मांगे जाने पर निश्शुल्क सभी अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की है।

अभिभावकों ने नहीं दिया समर्थन, बोले पढ़ाई को होता नुकसान
कॉलेज में कस्बा के अलावा दूर गांवाें से सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए आती हैं। दोबारा छात्रों द्वारा आंदोलन किए जाने की सूचना अभिभावकों को जैसे ही मिली, वह कालेज के गेट पर पहुंच गए। शुरुआत में ऐसा लगा कि अभिभावक, छात्रों के इस आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। हालांकि बातचीत करने पर अधिकांश अभिभावकों ने इसे पढ़ाई में बाधक बताया। अभिभावकों का कहना था इससे दूसरे बच्चों की पढ़ाई खराब होती है। यदि कालेज में किसी प्रकार की दिक्कत है तो उसके लिए एक कमरे में बैठकर चर्चा होना चाहिए।

छात्राएं नहीं हुई सम्मिलित
प्रदर्शनकारी छात्रों से एक कदम आगे कॉलेज प्रबंधन व पुलिस-प्रशासन ने इस बार विशेष तैयारी कर रखी थी। ऐसा माना जा रहा है कि छात्रों द्वारा साेमवार को आंदोलन करने की जानकारी कालेज के शिक्षकों व पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को पहले हो गई थी। कालेज में पंजीकृत करीब 1800 छात्रों के सापेक्ष डेढ़ हजार छात्र उपस्थित रहे। उपस्थित छात्रों में 800 की संख्या छात्राओं की है। हालांकि इस बार छात्राओं ने आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया।

पढ़ाई का माहौल खराब कर रहे कुछ लोग
सोमवार को प्रतिदिन की तरह ही कक्षाएं चली हैं। कुछ छात्रों ने आंदोलन शुरू किया, हालांकि दूसरे छात्र-छात्राएं इसमें सम्मिलित नहीं हुए। 50 छात्र कालेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं माने।- लाल बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य

पूर्व में छात्रों द्वारा किए प्रदर्शन के बाद उनकी मूलभूत समस्याओं को दूर किया जा चुका है। कुछ छात्र अनावश्यक माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे। उन्हें समझाकर शांत कराया गया है। विद्यालय प्रबंधन के साथ शनिवार को बैठक आयोजित की गई है। छात्रों द्वारा जो समस्याएं रखी गई हैं, उनमें चर्चा होगी। - राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक-फतेहपुर

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