फतेहपुर सिलिंडर ब्लास्ट: मलवां की संकरी गलियों में 45 मिनट तक फंसी रही जिंदगियां, अब तक पांच मौतें
फतेहपुर के मलवां कस्बे में हुए भीषण विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई। अतिक्रमण के कारण संकरी गलियों ...और पढ़ें

फतेहपुर में सिलिंडर ब्लास्ट से मकान ध्वस्त।
HighLights
मलवां कस्बे में हुए भीषण विस्फोट में पांच जिंदगियां खत्म।
अतिक्रमण से संकरी गलियों में बचाव वाहन नहीं पहुंच पाए।
प्रशासन की लापरवाही से राहत कार्य में हुई भारी देरी।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। मलवां कस्बे की तंग गलियों में हुए वीभत्स हादसे मेंं मलबे के नीचे पौन घंटे तक जिंदगियां फंसी रहीं।
घटनास्थल तक पहुंचने के लिए अग्निशमन विभाग के वाहनों के अलावा जेसीबी मशीनों को लाने की जोर जुगत चलती रही, लेकिन संकरी गलियों में वाहनों के न पहुंच पाने की वजह से कई जिंदगियों को नहीं बचाया जा सका।
हालांकि बचाव कर्मियों के अलावा सैकड़ों ग्रामीण मलबे को हटाने में जुटे रहे लेकिन बचाव में देरी की वजह से पांच जिंदगियों ने दम तोड़ दिया।
मलवां कस्बे में जहां पर पटाखा या फिर सिलिंडर से विस्फोट हुआ, वहां की स्थिति यह है कि लोगों ने अपने घरों को अतिक्रमण इतना आगे बढ़ा लिया है, यहां पर बमुश्किल दो पहिया वाहन से ही पहुंचा जा सकता है। संकरी गलियों में चार पहिया वाहन पहुंचना तो नामुमकिन है।
कई बार स्थानीय वाशिंदों ने फैलाए गए अतिक्रमण को लेकर स्थानीय प्रशासन के अलावा जिला प्रशासन के जिम्मेदारों को भी कराया लेकिन इन तंग गलियों में अतिक्रमण का संजाल हटाने की कोई पहल नहीं हुई।

कस्बे के दीपक द्विवेदी, बसंत कुमार सिंह, महेश सिंह, बच्ची सिंह ने कहा कि अतिक्रमण के चलते गलियां बहुत संकरी हो गई हैं, जिससे आवाजाही में खासी दिक्कतें होती हैं। कई बार शिकायत के बाद भी अतिक्रमण हटाने का कोई प्रयास नहीं हुआ। बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन नहीं चेता तो अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
सीएम योगी ने हादसे पर जताया दुख
मलवां में हुए हादसे का संज्ञान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिया है। उन्होंने डीएम निधि गुप्ता से पूरे घटना की जानकारी ली। घटना पर शोक जताया है और घटना में मृत हुए लोगों के स्वजन के लिए दो-दो लाख रुपये आर्थिक मदद और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है।
सीएम के संज्ञान लेने के बाद पूरी प्रशासनिक मशीनरी राहत और बचाव कार्य में लगी है। देर रात तक मलबा हटाया जा रहा है।
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चश्मदीदों की जुबानी
‘विस्फोट इतना भयावह था, पूरा मुहल्ला हिल गया था। हमारे घर का ऊपरी हिस्सा व रेलिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गई है और बाउंड्रीवाल भी टूट गई। उस समय घर के इस हिस्सा परिवार का कोई सदस्य नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता।’
अशोक सिंह
‘विस्फोट पटाखों से हुआ या फिर सिलिंडर फटने से हुआ है, यह तो नहीं बता सकते। लेकिन हादसा इतना वीभत्स था कि जाे जहां था, स्तब्ध रह गया और घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा।’
- छोटू सिंह
‘घनी बस्ती के अंदर हुए भयानक विस्फोट से आसपास की इमारते भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। निश्चित ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ पहले अभियान चलाया गया होता तो समय से बचाव दल मौके पर पहुंच जाता और कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।’
- विशाल शुक्ल
‘जैसे ही विस्फोट हुआ, एकदम से समझ में नहीं आया क्या हो गया। जैसे ही मालूम हुआ हाहाकार मच गया और लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। घटनास्थल तक पहुंचने के लिए बचाव कर्मी व अग्निशमन विभाग के कर्मचारी प्रयास करते रहे, लेकिन कोई वाहन नहीं पहुंच पाया।’
चंद्रमौल गपोले
