फतेहपुर में मूर्ति विसर्जन बना काल, 12 लोग डूबे, चचेरे भाइयों समेत तीन की मौत, तीन लापता
फतेहपुर में देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी और तालाबों में 12 लोग डूब गए, जिसमें तीन की मौत हो ...और पढ़ें

रिंद नदी में सर्च अभियान चलाती एसडीआरएफ टीम। जागरण
HighLights
मूर्ति विसर्जन में फतेहपुर में 12 लोग नदी-तालाबों में डूबे।
तीन की मौत, जिसमें चचेरे भाई भी शामिल थे।
तीन लोग अभी भी लापता, प्रशासन की पोल खुली।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। देवी प्रतिमाओं के विसर्जन में घटनाओं की रोकथाम को पुलिस बल, नाव व गोताखोरों की तैनाती के दावों के बीच 12 लोग नदी व गहरे तालाबों में डूब गये। डूबने वालों में से छह लोगों को ग्रामीणों ने बचा लिया जब कि चचेरे भाइयों समेत तीन की मौत हो गयी और तीन अब भी लापता है।
खागा तहसील के बैजूपुर कुशियारीपुर मजरे कटोघन गांव में मंगलवार को पूरब थोक में रखी देवी प्रतिमा को विसर्जन के लिए खांभा तालाब ले जाया गया। करीब पांच बजे 16 वर्षीय अभिमन्यु यादव पुत्र गोवर्धन, 19 वर्षीय राजन पुत्र बबलू साहू, (चचेरे भाई) 19 वर्षीय आदित्य कुमार पुत्र राजू प्रसाद साहू, पड़ोसी प्रिंस साहू, यशवंत यादव, देवी प्रतिमा को पकड़ कर तालाब में उतर रहे थे।
गहराई अधिक हाेने से सभी लोग देवी प्रतिमा के साथ डूब गए। शोरगुल सुनकर ग्रामीणों ने प्रिंस साहू व यशवंत यादव को गहरे पानी से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया जोकि बच गये, आदित्य, राजन व अभिमन्यु को डाक्टर सुभाषधर द्विवेदी ने परीक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया।
तालाब में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि गांव में तीन प्रतिमाएं लगी थी सभी का विसर्जन नौबस्ता गंगा घाट में होना था लेकिन यह प्रतिमा लेकर भक्त बिना सूचना के तालाब पहुंच गए। उधर थाना जहानाबाद के नारायणपुर गांव से मूर्ति विसर्जन के दौरान मंगलवार को रिंद नदी के गहरे पानी में जाकर चार किशोर नहाने लगे।
इसमें 13 वर्षीय किशोर अभिषेक व उसके साथी ईशांत पुत्र राजेश, प्रांशू पुत्र राजू व अंजेश पुत्र अमित चारों पानी में डूबने लगे। शोर मचाने पर निर्माणाधीन पंप केनाल के श्रमिक दौड़कर पहुंचे और लोगों गमछे के सहारे तीन को बाहर निकाल लिया। तब तक अभिषेक पानी में डूब गया। पांच किमी क्षेत्र में नदी में डूबे किशोर की तलाश कर रही है। लेकिन अब तक शव नहीं मिला।
इसी तरह आलमपुर नरही गंगाघाट में दोपहर 12 बजे विसर्जन दौरान गहरे पानी में शिवा, पुष्पेन्द्र और गजराज डूबने लगे। स्थानीय मछुवारों ने शिवा को गहरे पानी से निकाल लिया लेकिन पुष्पेंद्र और गजराज का पता नहीं चल सका। थाना प्रभारी आलोक पाण्डेय मय फोर्स के साथ पहुंचे और मछुवारों से तीन किमी तक तलाश शुरू की। उधर देवी पांडालों को हटाने के दौरान करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई।
