किसानों के लिए जरूरी खबर, फार्मर रजिस्ट्री में गाटों की जानकारी नहीं होने पर कट जाएगी आपके हिस्से की खाद
फतेहपुर में खाद वितरण की नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू हो रही है, जहाँ एफएफसी ऐप के माध्यम से बुकिंग और स्कैन कोड दिखाने पर खाद मिलेगी।

तस्वीर- फाइल।
HighLights
फतेहपुर में खाद वितरण की नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू।
एफएफसी ऐप से बुकिंग और स्कैन कोड दिखाकर मिलेगी खाद।
फार्मर रजिस्ट्री में जमीन का सही विवरण देना अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। जनपद में खाद वितरण की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। अब खाद एफएफसी एप पर आनलाइन बुकिंग के बाद स्कैन कोड दिखाने पर मिलेगी। इस एप पर 92 सहकारी समितियां, 630 निजी दुकानें एप में लिंक की गयी हैं। खास बात यह है कि आनलाइन खाद बुकिंग में फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य रोल है।
अगर आपकी फार्मर रजिस्ट्री में कम खेती दर्शाई गयी है तो आपको खाद भी कम मिलेगी। अगर आपने संपूर्ण गाटे दर्शाए तो प्रति हेक्टेयर 7 बोरी यूरिया व 7 बोरी डीएपी खाद मिलेगी।
जिले में 5.30 लाख किसान हैं, जिसमें से 97 प्रतिशत किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा चुके हैं। लेकिन बड़ी चूक यह है कि अगर किसान के पास जमीनें दस गाटों में हैं तो उसने अपनी पांच गाटों की जमीन ही फार्मर रजिस्ट्री में दर्शाई है।
जब फार्मर रजिस्ट्री हो रही थी तो किसानों को यह नहीं मालूम था कि आगे चलकर यही फार्मर रजिस्ट्री खाद पाने का आधार बनेगी। लेकिन अब जब खाद वितरण आनलाइन होने जा रही है तो किसानों में चिंता है। हालांकि कि सरकार की तरफ से फार्मर रजिस्ट्री में संशोधन के लिए पोर्टल खोल दिया गया है जो किसी भी इंटरनेट कैफे से अन्य गाटे जोड़ने के लिए पर्याप्त है।
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इस तरह कर सकते हैं एप डाउनलोड
अगर आप किसान हैं और घर में किसी के पास ही एनड्रायड फोन है तो आप गूगल प्ले में जाकर एफएफसी एप डाउनलोड कर सकते हैं। यह पूरी तरह से निश्शुल्क है। इस एप में अंदर जाने पर जैसे ही आप अपना आधार नंबर डालकर आगे बढ़ेंगे।
आपको खाद विवरण पर जाना होगा, अपनी नजदीक समिति और निजी दुकान में से किसी एक का चयन करने पर आपकी खाद आधार से लिंक फार्मर रजिस्ट्री के आधार बुक हो जाएगी और एक बारकोड जनरेट हो जाएगा। इस बारकोड को लेकर जैसे ही दुकान या समिति में जाएंगे आपको बुकिंग की खाद तुरंत दी जाएगी। सबसे अच्छी बात यह है कि दुकान व समिति में खाद का स्टॉक आप मोबाइल से ही देख सकेंगे।
‘अपने जिले में खाद बिक्री की व्यवस्था बदलने जा रही है, इसके लिए विक्रेता और प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब भी जो किसान समितियों और दुकानों में जाएगा उसे सिखाया और बताया जाएगा। यह पूरी तरह से पारदर्शी व्यवस्था बनाई गयी है। जल्द ही हम इसे लागू कर देंगे।’
-नरोत्तम कुमार, जिला कृषि अधिकारी
