फतेहपुर में फर्जी पुलिस बन अश्लील फिल्म के नाम पर वसूली, तीन साइबर ठग गिरफ्तार
फतेहपुर में साइबर सेल और जहानाबाद पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर मोबाइल यूजर्स से वसूली करने वाले तीन ठगों ...और पढ़ें

जहानाबाद पुलिस की हिरासत में पकड़े तीन साइबर ठग। स्रोत पुलिस
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। फर्जी पुलिस अफसर या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर मोबाइल यूजरों से अवैध वसूली करने वाले तीन साइबर ठगों को साइबर सेल व जहानाबाद थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने नारायणपुर गांव के समीप से धर दबोचा।हत्थे चढ़े तीनों ठगों ने पूछताछ में बताया कि वह लोगों को काल कर अश्लील फिल्म देखने पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने को डराकर ठगी करते थे।
उसके गिरोह में तेरह सदस्य हैं जिसमें दस अभी फरार हैं। पुलिस टीम ने इनके पास से तीन कीपैड फोन, पांच एंड्रायड मोबाइल, दो आइफोन व एक लैपटाप बरामद कर सूचना प्रोघौगिकी संशोधन अधिनियम के तहत धोखाधड़ी व जबरन वसूली करने का मुकदमा दर्ज किया है।
एनसीआरपी पोर्टल में मध्यप्रदेश के छतरपुर के चरन जाधव, भोपाल के रानी मेवडा, यूपी के देवरिया जिले के अरमान अंसारी आदि ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर पुलिस के नंबर ट्रेस करने पर जहानाबाद क्षेत्र का लोकेशन मिला। एसपी अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर साइबर सेल प्रभारी प्रभांशु शुक्ला व जहानाबाद एसओ योगेश कुमार की संयुक्त पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर ट्रेस कर रविवार को जहानाबाद थाने के नारायणपुर मजरे कलाना निवासी अंकित सिंह, संतोष व सनी उर्फ दीपक सिंह को गांव के समीप से ही धर दबोचा।
इनकी निशानदेही पर पुलिस ने इनके फरार दस साथियों सरगना सर्वेश उर्फ प्रवीण सिंह, रवि चौहान, जयकुमार उर्फ जैकी, धरम, मोनू उर्फ मोना, देवेंद्र, संदीप, सोनू, राकी उर्फ सोनू, रुद्रा उर्फ छोटू निवासीगण नारायणपुर जहानाबाद को भी नामजद किया। साइबर सेल प्रभारी प्रभांशु शुक्ला ने बताया कि साइबर ठग गिरोह के उक्त तेरह सदस्यों के विरुद्ध साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है और नामजद अंकित, संतोष व सनी को गिरफ्तार कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गैर प्रांतों में ठगों के विरुद्ध 31 शिकायतें
एसओ योगेश कुमार ने बताया कि उक्त साइबर गिरोह पर एनसीआरपी पोर्टल में अलग-अलग राज्यों व प्रदेश के कुछ जिलों से 31 ठगी की शिकायतें दर्ज हैं जिसमें पांच लाख से अधिक की ठगी कर चुके हैं। गिरोह, मोबाइल यूजरों को काल कर अश्लील फिल्म देखने के नाम पर डराकर उन्हें जेल भेजने से लेकर आजीवन कारावास तक होने का भय दिखाते थे। जिससे यूजर भयवश रुपये ट्रांसफर कर देते थे।पकड़े गए ठगों के फरार सदस्यों की खोजबीन में छापेमारी की जा रही है।
