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Fatehpur Blast: फतेहपुर में दिल दहला देने वाला मंजर, 5 बच्चों के शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम, एक साथ जलीं 5 मासूमों की चिताएं

Published: Wed, 30 Sep 2026 12:29 AM (IST)

फतेहपुर के मलवां कस्बा में एक घर में हुए विस्फोट से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो ...और पढ़ें

ब्लास्ट में मारे गए पांचों बच्चे। स्वजन

ब्लास्ट में मारे गए पांचों बच्चे। स्वजन

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर मलवां कस्बा में सोमवार शाम फल विक्रेता व पटाखा व्यवसायी सुरेश गुप्ता के यहां विस्फोट से पांच मासूमां की जान चली गई। विस्फोट के बाद जमींदोज मकान में सगे भाइयों समेत चार की जलकर मौत हो गई थी, जबकि चचेरा मासूम भाई यश की मलबा में दबकर मौत होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में की गई।

पोस्टमार्टम बाद मंगलवार दोपहर गमगीन माहौल में पांचों शवों को स्वजन गांव लेकर गए जहां हर किसी के आंसू छलक पड़े। इसके बाद स्वजन, शवों को कोटिया घाट लेकर गए जहां पांचों शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

मलवां कस्बा में रहने वाले पटाखा व्यवसायी व फल विक्रेता सुरेश गुप्ता के मकान में विस्फोट होने से इनके पुत्र कुनाल, भतीजे वेद गुप्ता, अर्पित, यश गुप्ता उर्फ टुकटुक व आलोक गुप्ता गंभीर रूप से झुलस गए थे। मेडिकल कालेज अस्पताल में चिकित्सकीय टीम ने सगे भाइयों अर्पित, वेद पुत्रगण स्व. रोहित गुप्ता समेत उक्त पांचों को मृत घोषित कर दिया था।

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हृदय विदारक हादसे से व्यवसायी सुरेश गुप्ता बेहोश हो गए जिन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। गमगीन माहौल में मंगलवार दोपहर को पांचों शवों का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद स्वजन शवों को गांव लेकर पहुंचे जहां एक ही परिवार के पांच शव देखकर ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके। सन्नाटे को स्वजन की आंखें चीरती रहीं।

करुण क्रंदन की गूंज से पड़ोसी गांव के लोगों के आंखों से आंसू छलकते रहे। स्वजन व ग्रामीण पांचों शवों को मलवां थाने के कोटिया घाट ले गए जहां पर आलोक गुप्ता की चिता को इसके भाई सूरज ने मुखाग्नि दी जबकि अन्य चार भाइयों की चिताओं को पारिवारिक चचेरे भाई उदय गुप्ता ने मुखाग्नि दी।

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व्यवसायी की पत्नी उमा देवी रो-रोकर बेहाल रही। मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसबीर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया लीकेज रसोई सिलिंडर व सोलर पंप की बैटरियों से विस्फोट हुआ है। सिलिंडर का चूल्हा, रेग्यूलेटर के साथ बैटरियों के पांच टुकड़े भी मिले हैं। पटाखे व बारूद के कोई कण नहीं मिले। अभी फोरेंसिक टीम जांच कर रही है। मकान में तीन सिलिंडर व एक छोटा पांच किलो का सिलिंडर मिला है। अभी एक सिलिंडर नहीं मिला।

 

..तो बच गई कार्तिक व सूरज की जान

ग्रामीणों ने बताया कि व्यवसायी सुरेश गुप्ता अपनी फल की दुकान में थे, इनके साथ इनका छोटा पुत्र कार्तिक व भतीजा सूरज पुत्र पन्नालाल गुप्त दुकान पर ही थे। तभी विस्फोट हो गया। यदि ये दोनों घर पर होते तो इनके साथ भी अनहोनी हो सकती थी। इतने बड़े हादसे से व्यवसायी समेत उक्त तीनों लोग सदमे में हैं। हादसे में व्यवसायी के एक पुत्र कुनाल की मौत हो गई थी।

आलोक ने मकान निर्मित कराया था

रिश्तेदार व ग्रामीणों ने बताया कि छह माह पूर्व आलोक गुप्ता ने अपने सगे भाई सूरज के साथ मिलकर मकान निर्मित कराया था। कुछ समय बाद ही मकान ढह जाने से सारे सपने दफन हो गए। बताया कि व्यवसायी सुरेश गुप्ता पहले पटाखा बेचते थे लेकिन पिछले वर्ष पुलिस का छापा पड़ने के बाद इन्होंने पटाखा बेचने का काम पूरी तरह से बंद कर दिया और फल बेचने लगे थे।

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अंतिम संस्कार के बाद सदमे से सूरज की हालत बिगड़ी, भर्ती

कोटिया घाट में शवों के अंतिम संस्कार के बाद व्यवसायी सुरेश गुप्ता के भतीजे सूरज पुत्र पन्नालाल गुप्त की सदमे से हालत बिगड़ गई। जिससे रिश्तेदार व स्वजन सकते में आ गए। बेहोशी हालत में सूरज को पुलिस की देखरेख में स्वजन ने मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया।देर शाम कोटिया घाट में सगे भाई आलोक गुप्ता को मुखाग्नि देने के बाद सूरज अपने चार चचेरे भाइयों की चिता जलते हुए देखी। जिससे उसका गला रुंध गया और वह सदमे में आ गया। रिश्तेदार व स्वजन कुछ समझ पाते कि वह बेहोश हो गया।

तीन भाइयों के बीच ग्यारह लोगों का था परिवार, हादसे में चार की मौत

कस्बे में रहने वाले मोतीलाल के चार पुत्रों में तीन पुत्रों का 11 लोगों का परिवार एक साथ रहता है। बड़े पुत्र सोनेलाल परिवार सहित अलग दूसरे मकान में रहते हैं। तीन पुत्रों में पन्ना लाल उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। इनके दो पुत्र सूरज व आलोक हैं। तीसरे नंबर के पुत्र सुरेश गुप्ता के दो पुत्र कुलान, कार्तिक, पुत्री लक्ष्मी, पत्नी उमा देवी हैं। इनकी बड़ी पुत्री विद्या देवी की शादी हो चुकी है। सबसे छोटे पुत्र रोहित की दो वर्ष पूर्व सर्प दंश से मौत हो चुकी है। इनकी पत्नी पूजा व पुत्र वेद व अर्पित हैं। यह सभी एक साथ रहते हैं। इसमें आलोक, कुनाल, वेद व अर्पित की हादसे में मौत हो गई है। अब परिवार में सात लाेग ही बचे हैं।