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मतदान के दौरान पीठासीन अधिकारी की कारस्तानी हुई उजागर, खुद की जगह भाई को सौंपी जिम्मेदारी; ऐसे खुली पोल

मतदान के वक्त सोमवार सुबह एक पीठासीन अधिकारी की कारस्तानी उजागर हो गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ड्यूटी पर कार्यरत पीठासीन अधिकारी इसरारुल हक की बजाय दूसरे शख्स को पाया। पूछताछ में पता चला कि इसरारुल की बजाय उसके भाईजान को पीठासीन अधिकारी बनाकर बैठा दिया गया। तब अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया और वहां दूसरे पीठासीन अधिकारी को नियुक्त कर दिया।

By Jagran News Edited By: Abhishek Pandey Tue, 21 May 2024 03:44 PM (IST)
भाईजान को बनाया पीठासीन अधिकारी, अफसरों ने पकड़ा

संवाद सूत्र, अर्का (फतेहपुर)। मतदान के वक्त सोमवार सुबह एक पीठासीन अधिकारी की कारस्तानी उजागर हो गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ड्यूटी पर कार्यरत पीठासीन अधिकारी इसरारुल हक की बजाय दूसरे शख्स को पाया।

पूछताछ में पता चला कि इसरारुल की बजाय उसके भाईजान को पीठासीन अधिकारी बनाकर बैठा दिया गया। तब अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया और वहां दूसरे पीठासीन अधिकारी को नियुक्त कर दिया। म्योहर के बूथ संख्या 90 पर पीठासीन अधिकारी इसरारुल की ड्यूटी लगी थी।

सुबह करीब सवा आठ बजे जिला निर्वाचन अधिकारी समेत कई अधिकारी मतदान का हाल जानने के लिए वहां पहुंचे। ड्यूटी पर कार्यरत सभी कर्मचारियों की जांच हुई तो पाया गया कि इसरारुल की बजाय उसका भाई पीठासीन अधिकारी बनकर बैठा है। तब उसे पकड़ लिया गया। इसके साथ ही वहां दूसरे पीठासीन अधिकारी को तैनात किया गया।

भाई के पकड़े जाने पर बूथ के बाहर मौजूद इसरारुल सामने आया और खुद की बीमारी के बारे में बताया। सेक्टर मजिस्ट्रेट लाल सिंह का कहना है कि तबियत खराब होने के कारण पीठासीन अधिकारी ने अपने भाई को ड्यूटी पर लगा दिया था। पूरी तरह से आश्वस्त होने से और बीमारी का पता चलने पर अधिकारियों ने इसरारुल के भाई को छोड़ दिया।

एडीजी, मंडलायुक्त व आइजी ने जाना मतदान केंद्रों का हाल

जागरण संवाददाता, कौशांबी। जिले के चुनाव के दरम्यान सोमवार को एडीजी भानु भास्कर, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आइजी प्रयागराज परिक्षेत्र प्रेम कुमार गौतम ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मतदाताओं से भी बातचीत करते हुए व्यवस्था का जायजा लिया। कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को लोकसभा चुनाव का मतदान संपन्न हुआ।

जिले के अधिकारी समय-समय पर मतदान केंद्रों का जायजा लेते रहे। कहीं वोट बहिष्कार का मामला सुर्खियों में रहा तो कहीं ईवीएम में तकनीकी समस्या आने की सूचनाएं अधिकारियों तक पहुंचती रहीं। सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों समेत अन्य अफसर व कर्मी ऐसी समस्याओं का निराकरण करने के लिए दौड़ते नजर आए।

वहीं, मंडलायुक्त प्रयागराज, एडीजी व आइजी ने भी संदीपन घाट क्षेत्र के कोइलहा, महगांव, पल्हाना के अलावा कोखराज के कशिया, भरवारी के अलावा दर्जनों मतदान केंद्रों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। वहां मौजूद मतदानकर्मियों के अलावा सुरक्षा कर्मियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।

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